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CBSE OSM पोर्टल में कमी ढूंढ़ने वाले निसर्ग अधिकारी को अमेरिका ने दिया सम्मान, US DoJ Hall Of Fame में किया शामिल

Published: Thu, 24 Sep 2026 04:52 PM (IST)

एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में टेक्निकल कमियों को ढूंढ़ने के लिए US DoJ Hall Of Fame में शामिल किया गया है।

Nisarga Adhikary

Nisarga Adhikary 

HighLights

  1. निसर्ग अधिकारी को अमेरिका ने दिया सम्मान।

  2. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने भी निसर्ग का जताया आभार।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी एक बार फिर से चर्चा में हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में गड़बड़ियां ढूंढ़ने वाले निसर्ग ने इस बार अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में टेक्निकल कमियों को ढूंढा व इसके बाद उन्होंने एजेंसी को इस बात की जानकारी दी और इसे ठीक करवाया। उन्होंने यह गलती खुद के बनाए सॉफ्टवेयर कोड्स कस्टम स्क्रिप्ट्स की मदद से सामने लाई थी।

अमेरिका के न्याय विभाग (US DOJ) ने निसर्ग को साइबर सुरक्षा ‘हॉल ऑफ फेम’ में किया शामिल

इस कमी को ढूंढ़ने वाले निसर्ग को अब अमेरिका के न्याय विभाग (US DOJ) ने अपने साइबर सुरक्षा ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया है।

रक्षा मंत्रालय के सिस्टम में भी ढूंढ ली गलती

एथिकल हैकर होने के नाते निसर्ग यहीं नहीं रुके। इसके बाद उन्होंने साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म 'हैकरवन' (HackerOne) के जरिए अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के सिस्टम में भी गड़बड़ी का पता लगाया और अमेरिका सेना को अवगत करवाया। इसके बाद रिस्पॉन्स में अमेरिकी सेना की ओर से इस कमी को ठीक किया गया और निसर्ग को इसके लिए शुक्रिया कहा गया।

 

सीबीएसई के समय आये थे चर्चा में

19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी सीबीएसई मामले से चर्चा में आये और हर जगह छा गए। उन्होंने सीबीएसई OSM पोर्टल में गलती निकाली थी। उसमें उन्होंने बताया था "CBSE के लोगों ने अपने AWS बकेट को ठीक से कॉन्फिगर नहीं किया था और अब हम उनके सभी मीडिया को पेजिंग और एन्यूमरेट कर सकते हैं, जिसमें 2026 उत्तर पुस्तिकाएं और प्रश्न पत्र हैं। ListObjectsV2 बिना किसी प्रमाणीकरण के काम करता है और बकेट रूट भी लिस्ट करने योग्य है - इंटरनेट पर कोई भी व्यक्ति किसी भी स्कैन की गई पुस्तिका को डाउनलोड कर सकता है। कई संस्थान एक ही बकेट का उपयोग कर रहे हैं, जो बेहद असुरक्षित है।"
इसके बाद सीबीएसई ने गलती मानते हुए उसे सुधारा था। उनकी स्किल को देखते हुए आईआईटी कानपुर ने टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब C3iHub में ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर की नौकरी दी थी।

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