विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

NEET जल्द CBT मोड में होगा आयोजित, NTA DG ने कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम सहित कई अन्य बदलावों की साझा की डिटेल

Published: Mon, 14 Sep 2026 03:54 PM (IST)

नीट यूजी परीक्षा में जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट यानी कि CBT मोड में हो सकती है।

NEET to be conducted in CBT mode

NEET to be conducted in CBT mode

HighLights

  1. CBT मोड ही नीट यूजी परीक्षा का भविष्य।

  2. NTA डीजी ने कई बदलावों की जानकारी की साझा।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नीट परीक्षा में गड़बड़ी के चलते इसमें अब बहुत सारे बदलाव किये जा रहे हैं। अभी तक परीक्षा पेन-पेपर मोड में आयोजित होती थी जिसे अब सीबीटी में बदलने की बात की जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि NEET बहुत जल्द कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) में बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि नंदन नीलेकणि की अगुवाई वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स इस पर काम कर रही है और CBT ही भविष्य है।

सभी परीक्षाएं पहले से ही CBT माध्यम में हो रहीं आयोजित

एनटीए की डीजी की ओर से आगे जानकारी देते हुए कहा गया कि नीट यूजी को छोड़कर एनटीए सभी परीक्षाओं का आयोजन CBT मोड में ही करवा रहा है। ऐसे में नीट एग्जाम को भी जल्द ही बदलाव किया जाएगा।

ब्रिक्स देशों का लिया जा सकता है सहयोग

जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के DG अभिषेक सिंह से पूछा गया कि सुरक्षित प्रश्न-पत्र तकनीक पर ब्रिक्स (BRICS) देश कैसे सहयोग कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "इसके कई तरीके हैं। हर देश को इस चुनौती का सामना करना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि परीक्षाएं केवल भारत में ही होती हैं; परीक्षाएं दुनिया भर में होती हैं। चीन की परीक्षा 'गाओकाओ' (Gaokao) पेन-और-पेपर वाली परीक्षा है। इसके बारे में काफी सुना गया है कि वे परीक्षा आयोजित करने के लिए पूरे शहर को बंद कर देते हैं। इसलिए हर परीक्षा के लिए प्रश्न-पत्र तैयार करने की जरूरत होती है। ऐसे में कई क्षेत्र हैं जिन पर हम एक-दूसरे से चर्चा कर सकते हैं, सहयोग कर सकते हैं और जानकारी साझा कर सकते हैं।"

क्रॉस बॉर्डर एग्जाम एनटीए का अगला कदम

एनटीए डीजी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का अगला कदम क्रॉस बॉर्डर एग्जाम होगा। हालांकि, पहले देश के अंदर के एग्जाम सिस्टम को मजबूत करने पर फोकस किया जायेगा। इसके बाद, ब्रिक्स देशों से मदद ली सकती है और फिर एनटीए अपना टेस्टिंग सिस्टम भारत के बाहर भी फैला सकता है।

यह भी पढ़ें- Hindi Diwas 2026: 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी मनाने का इतिहास और उद्देश्य, जानें साल में दो बार क्यों किया जाता है सेलिब्रेट?