Hindi Diwas 2026: 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी मनाने का इतिहास और उद्देश्य, जानें साल में दो बार क्यों किया जाता है सेलिब्रेट?
14 सितंबर को दें को हर साल राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ...और पढ़ें

National Hindi Diwas: राष्ट्रीय हिंदी दिवस 2026
HighLights
राष्ट्रीय हिंदी दिवस आज किया जा रहा सेलिब्रेट।
14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को मिला था राजभाषा का दर्जा।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। 14 सितंबर के दिन को हर साल हमारे देश में राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day 2026) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। विश्व स्तर पर हिंदी भाषा अंग्रेजी, मंदारिन (चाइनीज) के बाद तीसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है। इस भाषा को बोलने वालों की संख्या 609 से 610 मिलियन से भी ज्यादा है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य हमारी मातृभाषा के प्रति सम्मान प्रकट करना और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग को बढ़ावा देना है। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए और हिंदी के उत्थान में अपना योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।
भारत में 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस
भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी भाषा (देवनागरी लिपि) को अपनाया था। इसी के चलते प्रतिवर्ष इस दिन पर राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) मनाया जाता है। हिंदी दिवस मनाने की आधिकारिक तौर पर शुरुआत 14 सितंबर 1953 को की गयी। 1953 में भारत के प्रधानमंत्री पद पर पंडित जवाहर लाल नेहरू ने संसद भवन में 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस दिन को मनाये जाने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा द्वारा आग्रह किया गया था जिसे स्वीकार कर लिया गया था। इसके बाद से प्रतिवर्ष इस दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
साल में दो बार क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस
भारत में हिंदी दिवस साल में दो बार- 14 सितंबर और 10 जनवरी को को मनाया जाता है। हालांकि, 14 सितंबर के दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस एवं 10 जनवरी के दिन को विश्व हिंदी दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।
राष्ट्रीय हिंदी दिवस (14 सितंबर): 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी (देवनागरी लिपि) को देश की राजभाषा का दर्जा दिया था। इस दिन को पूरे भारत में हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने और प्रशासनिक तथा राष्ट्रीय स्तर पर इसके महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है।
विश्व हिंदी दिवस (10 जनवरी): 10 जनवरी 1975 को नागपुर में पहला 'विश्व हिंदी सम्मेलन' आयोजित किया गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार और विश्व पटल पर इसे पहचान दिलाने के उद्देश्य से हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

हिंदी दिवस का उद्देश्य
हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य भारत की राष्ट्रभाषा और संस्कृति के प्रति जागरूकता तथा सम्मान की भावना को जगाना है। 14 सितंबर 1949 को जब हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया, तब से यह दिन केवल एक औपचारिकता न रहकर हिंदी के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम बन गया।
इसका प्रमुख लक्ष्य दैनिक कामकाज, प्रशासनिक कार्यों और आधुनिक तकनीक में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना है। आज के डिजिटल युग में, जब अंग्रेजी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, हिंदी दिवस हमें हमारी भाषाई जड़ों और समृद्ध साहित्यिक विरासत से जोड़े रखने का स्मरण कराता है। यह दिवस देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के बीच संवाद का एक मजबूत पुल बनकर राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करता है।
- "निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
- बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल॥
- विविध कला शिक्षा अमित, ज्ञान अनेक प्रकार।
- सब देसन से लै करहू, भाषा मान प्रचार॥"
- (भारतेंदु हरिश्चंद्र)
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