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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

GOOD NEWS: CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा फेल

By Prateek KumarEdited By:
Published: Thu, 06 Feb 2020 07:13 PM (IST)Updated: Fri, 07 Feb 2020 09:20 PM (IST)

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा के अंकपत्र में फेल शब्द अक्सर बच्चें को असफल होने का अहसास कराता है। इसलिए यह एक अच्छी पहल है।

GOOD NEWS: CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा फेल
GOOD NEWS: CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में मार्कशीट पर अब नहीं लिखा जाएगा फेल

नई दिल्ली [रीतिका मिश्रा]। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की अंकपत्रिका (मार्क्सशीट) में बदलाव करने का सोचा है। यह बदलाव आने वाले सत्र में उन विद्यार्थियों के लिए होगा जिनकी अंकपत्रिका में किसी कारणवश परीक्षा में बेहतर अंक नहीं ला पाने पर फेल लिख कर मिलता है। बोर्ड ने इस शब्द को बदलने की सोची है। इसके साथ ही बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्राचार्य से जानकारी मांगी है कि फेल की जगह किस शब्द का इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए सुझाव देते हुए कहा है कि शब्द ऐसा हो जिससे बच्चों के मन में नकारात्मक भाव ना आए। इस शब्द को पढ़ने के बाद असफल होने की बात तो पता चले पर भविष्य में सफल होने का उत्साह भी बना रहे। 

उत्तीर्ण और अनुतीर्ण सभी का रिजल्ट जारी करता है सीबीएसई

उल्लेखनीय है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण दोनों विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी करता है। इसके अलावा इसमें वो विद्यार्थी भी शामिल होते हैं, जो एक या दो विषय में फेल हो जाते हैं और उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होना होता है। अब जो छात्र अनुत्तीर्ण हो जायेंगे, उन्हें अंक पत्र तो दिये जायेंगे, लेकिन उसमें फेल शब्द नहीं लिखा रहेगा।

फेल शब्द असफल होने का कराता है अहसास   

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा के अंकपत्र में फेल शब्द अक्सर बच्चे को असफल होने का अहसास कराता है। अगर एक बार बच्चे को असफल होने का अहसास हो जाता है तो बच्चों को उस स्थिति से निकालना बहुत कठिन हो जाता है। बच्चा डिप्रेशन की स्थिति तक में जा सकता है और उसे लगने लगता है कि अब वो आगे भविष्य में कुछ नहीं कर पाएगा। ऐसे में बच्चों को उत्साह देने की जरूरत है। इसलिए एक ऐसा प्रस्ताव रखा गया है कि अंकपत्रिका में फेल शब्द को बदलकर कोई दूसरा शब्द लिखा जाए, जिससे बच्चों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

अंक पत्रिका में बदलाव का है प्रस्ताव

सीबीएसई की मीडिया हेड रमा शर्मा ने बताया कि बोर्ड ने अंकपत्रिका में यह बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, अभी यह प्रस्ताव विचाराधीन है।

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