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NCERT की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में बदलाव, पहली बार नौवीं के स्टूडेंट्स पढ़ेंगे Emergency का चैप्टर

Published: Thu, 25 Jun 2026 10:19 AM (IST)Updated: Thu, 25 Jun 2026 10:20 AM (IST)

एनसीईआरटी ने कक्षा नौवीं के लिए सामाजिक विज्ञान पुस्तक में कई बड़े बदलाव किए हैं। किताब में रूसी क्रांति एवं ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पहली बार कक्षा 9वीं के छात्र आपातकाल विषय के बारे में पढ़ेंगे।

  2. चार किताब को अब एक ही किताब में एकीकृत करके पढ़ाया जाएगा।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग NCERT ने कक्षा नौवीं शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडरस्टैंडिंग सोसायटी : इंडिया एंड बियांड शीर्षक से सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक जारी की है। कक्षा 9वीं की इस किताब को NEP 2020 और NCF 2023 के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इस किताब की खास बात यह है कि अब इस किताब में भारत में समकालीन विश्व-1, समकालीन भारत-1, लोकतांत्रिक राजनीति-1 और अर्थशास्त्र विषयों को एक ही पुस्तक में एकीकृत करके पढ़ाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, इस नई किताब में नाजीवाद, फ्रांसीसी क्रांति जैसे विषयों को भी हटा दिया गया है। किताब में कुछ नए अध्याय को भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही पहली बार कक्षा नौवीं के छात्रों को 1975 की इमर्जेंसी यानी आपातकाल के बारे में पढ़ाया जाएगा। 

किताब की शुरूआत  

कक्षा नौवीं सामाजिक विज्ञान किताब की शुरुआत आदिमानवों, हड़प्पा सभ्यता से होती है। इसके साथ ही किताब में वैदिक युग, महाजनपद, अर्थशास्त्र और महाभारत में राजा के कर्तव्य, प्रारंभिक भारत में महिलाओं की भूमिका आदि विषयों को शामिल किया गया है। वित्तीय साक्षरता, आपदा प्रबंधन, वास्तविक जीवन आधारित पाठ्यक्रम भी किताब का हिस्सा है।

इतिहास में ये विषय नहीं होंगे पाठ्यक्रम का हिस्सा

इतिहास विषय से फ्रांसीसी क्रांति, यूरोप में समाजवाद और रूसी क्रांति, नाजीवाद और हिटलर का उदय, वन समाज और उपनिवेशवाद और आधुनिक विश्व में पशुपालक जैसे अध्यायों को हटा दिया गया है।

भूगोल में भी हुआ बदलाव

भूगोल में अब भारत: आकार और स्थिति, प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्यजीव और भारत की भौतिक संरचना को अलग-अलग अध्याय में पढ़ाने के बजाय एक साथ एक ही इकाई में पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही भूगोल विषय में जनसंख्या अध्याय को किताब से हटा दिया गया है। इस नई पुस्तक में साल 2025 की पंजाब बाढ़ एवं कार्बन फुटप्रिंट जैसे नए विषयों को जोड़ा गया है।

व्यवसाय और स्टार्टअप पर जोर

अर्थशास्त्र विषय से गांव पालमपुर की कहानी, गरीबी एक चुनौती, भारत में खाद्य सुरक्षा और संसाधन के रूप में लोग जैसे अध्यायों को हटा दिया गया है। बता दें, अर्थशास्त्र विषय में छात्रों को अब स्वयं का व्यवसाय शुरू करने व स्टार्टअप जैसे विषयों की अवधारणा को समझाया जाएगा।

 

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