Gandhi Jayanti Essay in Hindi: गांधी जयंती पर बापू के विचारों और सिद्धांतों पर ऐसे लिखें आसान भाषा में निबंध
02 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में सेलिब्रेट किया जाएगा। इस बार उनकी 157वीं जयंती मनाई जा रही है। ...और पढ़ें

Gandhi Jayanti Essay in Hindi: यहां पढ़ें पूरा निबंध।
HighLights
इस वर्ष महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मनाई जा रही है।
बापू को सत्य, अंहिसा और शांति के लिए याद किया जाता है।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। हर साल 02 अक्टूबर को पूरे भारत में गांधी जयंती के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस साल गांधी जी की 157वीं जंयती मनाई जा रही है। इस दिन बापू को न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में सत्य एवं अंहिसा के लिए याद किया जाता है। गांधी जी की प्रासंगिता आज भी बनी हुई है।
गांधी जी हमारे राष्ट्रपिता है और इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए स्कूलों, कॉलेज एवं अन्य संस्थानों में निबंध, स्पीच, कविता और डिबेट जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। ऐसे में अगर आप भी निबंध प्रतियोगिता में शामिल होने वाले हैं, तो यहां आपकी मदद के लिए आसान भाषा में निबंध लिखना बताया जा रहा है, जोकि आपके लिए मददगार हो सकता है।
महात्मा गांधी का शुरुआती जीवन
महात्मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर में 02 अक्टूबर, 1869 को हुआ था। महात्मा गांधी जी को प्यार से बापू के नाम से भी पुकारा जाता है। महात्मा गांधी जी के पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भारत में रहकर पूरी की थी। इसके बाद वह कानून की पढ़ाई करने के लिए इंग्लैंड गए थे।

महात्मा गांधी के जीवन में दक्षिण अफ्रीका का प्रवास सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने वहां जाने के बाद भारतीयों के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव को देखा और अन्याय को बहुत ही करीब से महसूस किया। इसके बाद वह भारत लौटे और भारतीय को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने में सक्रिय हो गए। भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से आजादी दिलाने के लिए उन्होंने कई आंदोलन भी किए, जिसमें चंपारण सत्याग्रह, खेड़ा सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन एवं नमक सत्याग्रह जैसे आंदोलन शामिल है। सबसे पहले उन्होंने साल 1917 में चंपारण सत्याग्रह के जरिये किसानों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। इसके बाद भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने भारत छोड़ो जैसे आंदोलन का नेतृत्व किया।

बापू के अथक प्रयासों के बाद साल 1947 में भारत को वर्षों बाद अंग्रेजों से आजादी मिली। गांधी जी के सिद्धांत आज प्रत्येक भारतवासी के लिए बेहद ही अनमोल है। यही नहीं गांधी जी ने स्वच्छता, स्वदेशी और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई के खिलाई भी अपनी आवाज उठाई। इस पूरी दुनिया में महात्मा गांधी को शांति, अंहिसा और उनके आदर्श सिद्धांतों के लिए याद किया जाता है। इस दिन को केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी के जन्मदिन के रूप में ही नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में भी याद किया जाएगा, जिसने अहिंसा का मार्ग प्रशस्त किया।
