नई दिल्ली, प्रेट्र। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक ही विधा या दो अलग विधाओं में एक साथ दो डिग्री कोर्स करने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे जल्द ही छात्र एक साथ दो डिग्री कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे। हालांकि इसमें से एक कोर्स नियमित पाठ्यक्रम के तहत होगा तो दूसरा डिग्री कोर्स ऑनलाइन डिस्टेंट लर्निग कोर्स के जरिये किया जा सकेगा।

यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने गुरुवार को बताया कि हाल ही में भारत में छात्रों को दो डिग्री कोर्स एक साथ करने की इजाजत देने वाले प्रस्ताव को हाल ही में आयोग की एक बैठक में मंजूर किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही एक अधिसूचना जारी की जाएगी। यूजीसी ने इस संबंध में पिछले साल वाइस चेयरमैन भूषण पटवर्धन की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया है। एक ही विश्वविद्यालय या अलग-अलग विश्वविद्यालयों में डिस्टेंट मोड, ऑनलाइन मोड और पार्टटाइम मोड में पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।

साथ-साथ हो सकता है एक अतिरिक्त डिग्री कोर्स

यूजीसी के अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार नहीं है कि आयोग इस मुद्दे पर विचार कर रहा है। यूजीसी ने वर्ष 2012 में इस मुद्दे पर एक कमेटी गठित कर इस संबंध में परामर्श भी किया था। लेकिन उसके बाद इस विचार को पीछे छोड़ दिया गया। उस समय की कमेटी की अध्यक्षता तब हैदराबाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर फुरकान कमर ने की थी। उन्होंने सिफारिश की थी कि एक छात्र जिसका यूनिवर्सिटी के नियमित डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण हुआ हो, वह साथ-साथ एक अतिरिक्त डिग्री कोर्स भी कर सकता है। लेकिन वह कोर्स ओपन यूनिवर्सिटी या डिस्टेंट मोड में उसी विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यालय से होना चाहिए।

पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एक साथ दोनों डिग्री कोर्स नियमित होने पर कई व्यवस्थागत, प्रशासनिक और शैक्षणिक दिक्कतें आ सकती हैं। इसीलिए एक साथ दो नियमित डिग्री कोर्स करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। एक डिग्री पाठ्यक्रम के साथ एक छात्र एक अन्य डिग्री, पीजी डिप्लोमा या एक सर्टीफिकेट हासिल कर सकता है। कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पाठ्यक्रम एक समय में अधिकतम दो ही हो सकते हैं। उन्हें एक साथ कई कोर्स करने की इजाजत नहीं होगी।

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