12 साल के बच्चे ने लिख दीं 8 किताबें, जानें कौन हैं ऋषि शिव प्रसन्ना जो IQ के मामले में आइंस्टीन को भी देते हैं मात
ऋषि शिव प्रसन्ना मूल रूप से कर्नाटक के मैसूर जिले के नंजनगुड कस्बे के रहने वाले हैं। उन्होंने केवल 12 ...और पढ़ें

Rishi Shiv Prasanna
HighLights
ऋषि शिव प्रसन्ना ने 12 वर्ष की उम्र में 8 किताबें और 3 एप्स का किया निर्माण।
ऋषि शिव प्रसन्ना का IQ 180 किया गया है दर्ज।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में 12 साल के बच्चे जब कक्षा 6 या 7वीं में स्कूल में पढ़ाई कर रहे होते हैं उस उम्र में एक भारतीय बच्चे ने 8 किताबें लिख दी हैं और कई एप का भी निर्माण किया है। उनके इस हुनर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उनकी तारीफ कर चुके हैं। अब आप जानना चाह रहे हैं कि यह एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी बच्चा कौन है तो हम आपको बता दें कि उनका नाम ऋषि शिव प्रसन्ना है।
12 वर्ष उम्र और 8 किताबें
ऋषि शिव प्रसन्ना ने केवल 12 वर्ष की आयु में 8 किताबों को लिख दी हैं। उनकी लेखनी का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए विज्ञान, कल्पना और ज्ञान को रोचक बनाना है। इसी लगन के कारण उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही एंड्रॉइड ऐप्स बनाने पर काम शुरू कर दिया।
कोडिंग में भी रुचि, गूगल-प्रमाणित एंड्रॉइड डेवलपर हैं ऋषि
ऋषि ने सिर्फ 8 किताबें ही नहीं लिखीं बल्कि उन्होंने इस उम्र तक 3 एप्स का निर्माण भी किया है। लगभग 5 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखना शुरू कर दिया था। ऋषि की जिज्ञासा और तकनीक सीखने की इच्छा ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
ऋषि द्वारा बनाये गए 3 एप्स
- IQ Test App for Kids
- Countries of the World
- COVID Help for Bangaloreans (CHB): इस ऐप का उद्देश्य कोरोना महामारी के दौरान बेंगलुरु के नागरिकों को उपयोगी सहायता और जानकारी प्रदान करना था।
कौन हैं ऋषि शिव प्रसन्ना? जिनकी पीएम मोदी ने की तारीफ
ऋषि शिव प्रसन्ना 12 वर्षीय प्रतिभावान बालक हैं। वे एक गूगल-सर्टिफाइड एंड्रॉइड डेवलपर और आठ किताबों के लेखक हैं। उन्हें नवाचार (Invention/Innovation) के क्षेत्र में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया था और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी सराहना कर चुके हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आधिकारिक X हैंडल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऋषि शिव प्रसन्ना मूल रूप से कर्नाटक के मैसूर जिले के नंजनगुड कस्बे के रहने वाले हैं। वे अपने माता-पिता के साथ बेंगलुरु के उत्तराहल्ली इलाके में रहते हैं। उनके पिता प्रसन्न कुमार एम. एक इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी मां राजेश्र्वरी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। ऋषि की असाधारण प्रतिभा का पता उनके शुरुआती स्कूली दिनों में ही चल गया था, जब उनके शिक्षकों ने देखा कि वे नए विषयों और अवधारणाओं को अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में बहुत तेजी से सीख लेते हैं।
अल्बर्ट आइंस्टीन से आईक्यू की होती है तुलना
ऋषि शिव प्रसन्ना का IQ 180 दर्ज किया गया है। उनके आईक्यू की तुलना महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के अनुमानित आईक्यू (160) से की जाती है। इतनी कम उम्र में उनकी यह असाधारण सफलता आज लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
