बंगला साहिब विवाद में DSGMC ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दी शिकायत, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
DSGMC ने अरविंद केजरीवाल और AAP नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत गुरुद्वारा बांग्ला ...और पढ़ें
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सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, आप सांसद संजय सिंह और अन्य पार्टी नेता। पीटीआई फाइल फोटो
HighLights
DSGMC ने केजरीवाल और AAP नेताओं के खिलाफ शिकायत की।
गुरुद्वारा बांग्ला साहिब में व्यवधान और राजनीतिक नारेबाजी का आरोप।
धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भ्रामक वीडियो फैलाने का दावा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। समिति ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान शनिवार 10 अक्टूबर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा बांग्ला साहिब परिसर में व्यवधान उत्पन्न किया गया और सोशल मीडिया पर 'भ्रामक' वीडियो वायरल किए गए।
क्या है गुरुद्वारा और आप का मामला?
शनिवार को जंतर-मंतर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे कई प्रदर्शनकारी पुलिस की सख्ती के बाद गुरुद्वारा बांग्ला साहिब परिसर में जमा हो गए थे।
डीएसजीएमसी ने नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय शिकायत देकर बताया है कि आप से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश कर हंगामा किया और 'गुरु घर' की पवित्रता का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया।
उन्होंने पवित्र परिसर के अंदर राजनीतिक नारे भी लगाए, जिससे श्रद्धालुओं और सिख संगत की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका की अगुवाई में डीएसजीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को सीसीटीवी और वीडियो साक्ष्य सौंपते हुए मांग की है कि परिसर में व्यवधान डालने वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए और उन्हें भेजने व उकसाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

केजरीवाल पर निशाना
शिकायत में कहा गया कि आप नेताओं और विधायकों ने घटना को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर पेश किया और गुरुद्वारा प्रबंधन को ही इसका दोषी ठहराया, जिसका अरविंद केजरीवाल ने भी सार्वजनिक रूप से समर्थन किया।
गुरुद्वारे के वायरल वीडियो पर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
इस संबंध में नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी केवल उस आम रास्ते से गुजरे थे, जिसका उपयोग श्रद्धालु जूते उतारने के स्थान (जोड़ा घर) तक जाने के लिए करते हैं। पुलिस ने कहा कि भ्रामक वीडियो फैलाकर धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो एक वीडियो का जिक्र करके पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों ने जूते पहनकर गुरुद्वारा में प्रवेश करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी एक्स पर पोस्ट कर गुरुद्वारा परिसर में पुलिस के प्रवेश की निंदा की। उन्होंने तर्क दिया कि गुरुघर के दरवाजे संकट के समय आश्रय मांगने वाले हर व्यक्ति के लिए खुले रहते हैं और सेवादारों का फर्ज उन्हें शरण देना है।
चुन-चुनकर वीडियो डालने पर क्या बोला डीएसजीएमसी?
इस बारे में डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने घटनाक्रम से यह गंभीर आशंका पैदा होती है कि व्यवधान और उसके बाद चुन-चुनकर भ्रामक वीडियो को वायरल कर किसी पूजा स्थल के अंदर विवाद पैदा करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने, गुरुद्वारा प्रबंधन को बदनाम करने और परिणामस्वरूप उत्पन्न स्थिति से राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के प्रयास का हिस्सा हो सकता है।
