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क्या दिल्ली में बढ़ेंगे बिजली के दाम? ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने दिया जवाब

Published: Sat, 13 Jun 2026 10:07 PM (IST)

दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) द्वारा बिजली कंपनियों को 10% से अधिक एफपीपीएसी वसूलने की अनुमति का विरोध हो रहा ...और पढ़ें

दिल्ली में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएसी) वसूलने की अनुमति देने का विरोध।

दिल्ली में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएसी) वसूलने की अनुमति देने का विरोध।

HighLights

  1. डीईआरसी के एफपीपीएसी वृद्धि निर्णय का विरोध शुरू।

  2. उपभोक्ता इसे नियम उल्लंघन, कंपनियों को लाभ बता रहे।

  3. ऊर्जा मंत्री ने इसे पुरानी व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय कारण बताया।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) द्वारा बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को 10 प्रतिशत से अधिक फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएसी) वसूलने की अनुमति देने का विरोध शुरू हो गया है। इस निर्णय को उपभोक्ता विरोधी बताकर वापस लेने की मांग की जा रही है। डीईआरसी ने एक माह के लिए एफपीपीएसी वसूलने की अनुमति दी है।

यूनाइटेड रेजिडेंट्स ऑफ दिल्ली के महासचिव सौरभ गांधी और उपाध्यक्ष (दक्षिण) हेमंत एम शर्मा ने कहा कि डीईआरसी द्वारा डिस्काम को 10 प्रतिशत से अधिक एफपीपीएसी वसूलने की अनुमति देना नियम का उल्लंघन हैं। यह उपभोक्ताओं पर भार डालकर बिजली वितरण कंपनियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि यह नियम का उल्लंघन हैं। क्योंकि यह नियम उपभोक्ताओं की हित की बात करता है, लेकिन लाभ डिस्काम को पहुंचाया जा रहा है। एनडीएमसी भी उन्हीं बिजली संयंत्रों से बिजली खरीदती है जिससे बीएसईएस व टीपीडीडीएल। इसके बावजूद सिर्फ बीएसईएस और टीपीडीडीएल के उपभोक्ताओं पर बोझ डाला जा रहा है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि सत्ता में आने के बाद लगातार दूसरे वर्ष डिस्कॉम को लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा सरकार ने एफपीपीएसी बढ़ाया है। यह दिल्ली के लोगों के साथ विश्वासघात है। डीईआरसी को तत्काल वापल लिया जाना चाहिए।

बिल में कितनी होगी वृद्धि

बिजली दर में प्रस्तावित वृद्धि (फिक्स्ड चार्जेस)
मासिक खपत (यूनिट) बीआरपीएल (BRPL) बीवाईपीएल (BYPL) टीपीडीडीएल (TPDDL)
0 - 200 यूनिट ₹ 0 ₹ 0 ₹ 0
201 - 400 यूनिट ₹ 56 ₹ 92 ₹ 0
401 - 600 यूनिट ₹ 102 ₹ 170 ₹ 0

उपभोक्ताओं के हित में सरकार कर रही है कामः सूद

दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने डीईआरसी के निर्णय का बचाव किया है। उनका कहना है कि एफपीपीएसी कोई नई व्यवस्था नहीं है। यह बिजली कानूनों के अंतर्गत पुराना प्रविधान है। इसके माध्यम से बिजली कंपनियां ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत का समायोजन करती हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारणों से ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इसके कारण पिछले एक महीने में बिजली खरीद की लागत लगभग 31 प्रतिशत बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद दिल्ली सरकार के प्रयासों से उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव बहुत कम रखा गया है। डीईआरसी ने औसतन 2.4 प्रतिशत एफपीपीएसी वृद्धि की अनुमति दी है। 31 मार्च तक एफपीपीएसी 14.5 प्रतिशत वसूला जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 17.5 से 17.9 प्रतिशत किया गया है। बीएसईएस के उपभोक्ताओं के बिल में दो से ढाई प्रतिशत और टीपीडीडीएल के उपभोक्ताओं पर इसका नगऩ्य प्रभाव रहेगा।

सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर कोई प्रभाव नहीं: सूद

मंत्री ने कहा कि सब्सिडी प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं पर इस वृद्धि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। डीईआरसी द्वारा अंतिम टैरिफ आदेश सितंबर, 2021 को पारित किया गया था। डिस्काम द्वारा वसूला जाने वाला एफपीपीएसी सितंबर, 2021 और वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान बिजली खरीद मूल्य के बीच का अंतर है। यह पिछले लगभग पांच वर्षों के दौरान बिजली की लागत में हुई वृद्धि को दर्शाता है।

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