जागरण संवाददाता, करनाल :

डीएवी पीजी कालेज में ग्लोबल हिदी साहित्य संस्थान की ओर से आयोजित जीवन की चुनौतियों में श्रीमद्भागवत गीता की व्यवहारिक प्रासंगिकता विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज रहे। अति विशिष्ट अतिथि गुरुग्राम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. मार्कंडेय आहुजा, वशिष्ठ अतिथि सेव मैक्स कनाडा के सीईओ और संस्थापक रमन दुआ, ग्लोबल हिदी साहित्य संस्थान के चेयरमैन डा. कामराज संधु रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. रामपाल सैनी ने की। प्राचार्य ने कहा कि गीता हर मनुष्य के लिए प्ररेणा स्त्रोत है, जो जीवन की कठिनाईयों एवं विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखने के लिए प्रेरित करती है। गीता मनुष्य की मुक्ति का मार्ग भी है जो सत्कर्मों की ओर लेकर जाती है। मुख्य अतिथि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने जीवन की चुनौतियों को हराकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने को ही श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि गीता पूर्ण समाधान है। कर्तव्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा है। श्रीमद्भागवत गीता चुनौतियों को अवसर बनाने का मार्ग है। गीता आत्मविश्वास का सार है। स्वामी ज्ञानानंद ने कर्तव्य और आत्मविश्वास को भी गीता ज्ञान बताया। डा. मार्कंडेय आहुजा ने कहा कि गीता वह ग्रंथ है जहां जीवन के समाधान छिपे हुए हैं। ये मनुष्य के उद्धार का मार्ग दर्शाते हैं। डा. कामराज संधु ने कहा कि गीता जीवन को बदलने का पवित्र मार्ग है। जो मनुष्य को कर्मयोग की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। रमन दुआ ने कहा कि गीता मनुष्य को बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करती है। मंच संचालन डा. पूनम वर्मा ने किया। इस मौके परमेयर रेणु बाला गुप्ता, गुरु नानक खालसा कालेज के प्राचार्य डा. गुरविदर सिंह, दयाल सिंह कालेज के राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डा. कुशलपाल सिंह, नवीन गोयल, डा. संजय शर्मा, डा. लवनीश, डा. बलराम शर्मा मौजूद रहे।

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