मधुबनी । महज तीन कमरों में वर्ग एक से आठ तक के 178 छात्र -छात्रा की पढ़ाई होती है। यह हाल झंझारपुर प्रखंड के कोठिया पंचायत क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय भराम की है। झंझारपुर-मधुबनी स्टेट हाईवे के किनारे यह विद्यालय अवस्थित है। इस विद्यालय में पठन-पाठन के लिए मात्र तीन कमरा है। एक कमरा में वर्ग छह, सात एवं आठ, दूसरे कमरा में वर्ग एक, दो एवं तीन तथा तीसरे कमरा में वर्ग चार एवं पांच के छात्र -छात्राओं का विद्यालय प्रबंधन संयुक्त वर्ग संचालन के लिए विवश हैं।

संयुक्त वर्ग संचालित होने से किसी एक वर्ग के विद्यार्थियों को जब शिक्षक पढ़ाना शुरू करते हैं तो उसी कमरा में बैठे दूसरे वर्ग के छात्र -छात्रा यूं ही बैठकर समय बिताते हैं। यहां नामांकित बच्चों की संख्या 178 है। जबकि, मात्र चार शिक्षक एवं शिक्षिका यहां मौजूद हैं। हेडमास्टर अनिल कुमार झा कहते हैं कि कई बार विभाग को इस समस्या के बाबत लिखित और मौखिक सूचना दिया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि यहां भवन बनाने के लिए जमीन का अभाव है। अगर सिविल इंजीनियर के माध्यम से नक्शा बनवाकर भवन बनाया जाए तो कमरा की संख्या बढ़ सकती है। बीईओ दयानंद सिंह कहते हैं कि वहां जगह की समस्या है। उच्चाधिकारी के संज्ञान में बात दी जाएगी। यह स्थिति तब है जब पूरे देश में वर्ष 2002 से ही 6 से 14 आयुवर्ग के हरेक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया है। जिसमें 86 वें संविधान संशोधन द्वारा वर्ष 2009 में प्रभावी बनाया गया। पंचायत के मुखिया सकीर अंसारी कहते हैं कि वे जल्द ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस समस्या से अवगत कराएंगे।

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