संवाद सूत्र, सिंहेश्वर (मधेपुरा) : आजादी के 75 साल पूरा होने पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर ओर जिला मुख्यालय में स्वतंत्रता आंदोलन के अमर नायकों के स्मारक व प्रतिमा स्थल की दुर्दशा पर एआइएसएफ के राष्ट्रीय परिषद सदस्य हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने खुला पत्र लिखा है।

उन्होंने आम आवाम के सक्षम लोगों से अपील की है कि व्यवस्था की लापरवाही व कुव्यवस्था का दंश झेल रहे महापुरुषों से जुड़े स्थल को व्यवस्थित व जीर्णोद्धार की पहल में आगे आएं। यह कितना दुर्भाग्य है कि आजादी के 75 साल पूरा होने पर घर- घर तिरंगा पहुंचाने की होड़ लगी है। मुल्क को आजाद कराने में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर नायकों को अमृत महोत्सव में भी उपेक्षा का दंश झेलना पड़ रहा। बीच बाजार में मौजूद युवाओं के सबसे बड़े आदर्शों में शुमार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल के घेरा बंदी व दोनों साइड के ब्रेकर को अवांछित तत्वों ने बहुत पहले ध्वस्त कर दिया है। कालेज चौक पर स्थित भूपेंद्र बाबू के प्रतिमा स्थल के चारों ओर प्रतिमा स्थल की सुरक्षा को लेकर लगे मोटे पाइप बड़े गाड़ियों के ठोकर से टूट चुके हैं। अमृत महोत्सव के अवसर पर इसकी साज सज्जा तो दूर इसके ध्वस्त हुए हिस्सों को भी नहीं सुधारा गया। राठौर ने कहा कि एआइएसएफ मांग करती है कि सक्षम प्राधिकार व व्यक्ति अविलंब 15 अगस्त से पहले इसको दुरुस्त कर लें। सच्चे अर्थों में यही अमृत महोत्सव की उपादेयता भी है। राठौर ने मधेपुरा ब्लाक परिसर में लगे स्वतंत्रता सेनानियों के नाम वाले स्मारक को धरोहर के रूप में व्यवस्थित करने की बजाय ध्वस्त होने के लिए छोड़ देने पर सवाल खड़ा किया।

Edited By: Jagran