जागरण संवाददाता, लुधियाना : विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा में रहे ट्रांसपोर्टर और लेबर घोटाले के मामले में विजिलेंस रेंज कार्यालय में मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस की तरफ से एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक को नवांशहर से गिरफ्तार भी किया है और तीन अन्य की तलाश की जा रही है। वह ट्रांसपोर्टर एक पूर्व कैबिनेट मंत्री का नजदीकी बताया जा रहा है। इस मामले की शिकायत पंजाब के कुछ ट्रांस्पोर्टरों की तरफ से इसी साल की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाब में टेंडर अलाटमेंट में 2000 करोड़ रुपये का गबन हुआ है।

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के वक्ता ने बताया कि लुधियाना जिले की अनाज मंडियों में लेबर, कार्टेज और ट्रांसपोर्टेशन टेंडर मंजूर करने के मामले में अनियमितताएं पाई गई हैं। इस पर गुरदास राम एंड कंपनी के मालिक व पार्टनरों तेलू राम, जगरूप सिंह व संदीप भाटिया समेत सरकारी अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इस मामले में फूड सप्लाई विभाग और खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों को शामिल किया है, लेकिन अभी उनके नाम नहीं दिए गए हैं। जांच में पाया गया है कि जिला टेंडर कमेटी के अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से ही ये घालमेल हुआ है। विभाग के नियमानुसार उपरोक्त कारणों के पाए जाने पर तकनीकी बोली रद की जानी चाहिए थी, मगर ऐसा नहीं किया गया।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि कंपनी के गोदाम में आए अनाज के गेट पास पर जिन गाड़ियों के नंबर अंकित किए गए थे, असल में वह नंबर दोपहिया वाहनों (स्कूटर, मोटरसाइकिल) के थे और इन वाहनों पर तो ढुलाई हो ही नहीं सकती। यही नहीं, इन वाहनों पर जो वजन लदा दिखाया गया है, वह भी शक के घेरे में है। इससे विजिलेंस को पूरे मामले में हेराफेरी लग रही है और अलाट की गई कंपनी के ठेकेदार तेलू राम से इस संबंधी पूछताछ शुरू कर दी गई है। गेट पास के आधार पर विभाग के अधिकारियों ने बिना तस्दीक किए तेलू राम ठेकेदार, गुरदास राम एंड कंपनी के मालिक व पार्टनर जगरूप सिंह तथा ठेकेदार संदीप भाटिया की अदायगी भी कर दी थी। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो ने इन तीनों के साथ ही विभाग के कुछ अधिकारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज पेश करने, स्वीकार करने, माल की फर्जी ढुलाई के लिए एक-दूसरे के साथ मिलीभगत करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

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मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले कर दिया था इशारा

मुख्यमंत्री भगवंत मान 15 अगस्त को लुधियाना में स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश स्तरीय समारोह में शामिल होने के लिए आए हुए थे। इस दौरान पत्रकारवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि भ्रष्टाचार में लिप्त पूर्व मंत्रियों की खबरें आती रहेंगीं और इसके दूसरे ही दिन विजिलेंस ने यह आपराधिक मामला दर्ज कर दिया है। पंजाब में जिस समय के दौरान यह गबन हुआ बताया जा रहा है, उस समय कांग्रेस की सरकार थी और उनके ही कैबिनेट मंत्री पर विपक्ष इस संबंधी आरोप भी लगाता आ रहा है। हालांकि अभी उन्हें केस में शामिल नहीं किया गया है।

चुनाव से पहले भाजपा ने लगाए थे आरोप

विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भारतीय जनता पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले बिक्रम सिंह सिद्धू और अन्य ने पत्रकारवार्ता कर आरोप लगाए थे कि पूर्व मंत्री ने अपने चहेतों को यह टेंडर देकर 2000 करोड़ रुपये का गबन किया है। हालांकि तब पूर्व मंत्री ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा था कि इसमें उनका कोई लेन देन नहीं है। टेंडर लगाने के लिए बाकायदा तौर पर जिला स्तर पर कमेटियां बनती हैं।

पहले भी दर्ज है नजदीकी पर आपराधिक मामला

इससे पहले विजिलेंस विभाग की तरफ से लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में प्लाटों की अलाटमेंट में पूर्व मंत्री के नजदीकी रमन बालासुब्रमण्यम और पूर्व मंत्री के पीए के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया हुआ है। इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उसके द्वारा हाई कोर्ट में लगाई अग्रिम जमानत की याचिका की 22 अगस्त को सुनवाई होनी है।

Edited By: Jagran