विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

50 हजार के लालच में BPSC परीक्षा की पास, बाद में UPSC क्रैक कर अधिकारी बना IITian

Published: Mon, 21 Sep 2026 12:42 PM (IST)

बिहार के वैशाली के सुधीर कुमार ने 50 हजार प्राइज मनी के लालच में बीपीएससी परीक्षा पास की थी। लेकिन, ...और पढ़ें

Sudhir Kumar

Sudhir Kumar

HighLights

  1. डिप्रेशन से निकलकर पहले JEE और उसके बाद BPSC में पाई रैंक 1

  2. 2023 में यूपीएससी क्रैक कर रेलवे सर्विस (IRMS) में ऑफिसर बने सुधीर कुमार।

करियर डेस्क, नई दिल्ली। कभी-कभी जिंदगी में वो हो जाता है जिसे हमने कभी सोचा भी नहीं था। ऐसे ही एक शख्स हैं बिहार के सुधीर कुमार जिन्होंने बिना कुछ सोचे समझे 50 हजार रुपये की प्राइज मनी के लालच में BPSC की परीक्षा दी और रैंक 1 लाकर क्वालीफाई किया। उन्हें DSP का पद मिलने वाला था लेकिन शारीरिक मानकों के चलते उन्हें बिहार में स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद दिया गया।

कोटा में पढ़ाई के दौरान 1 साल में देख डाली 500 फिल्में

सुधीर कुमार पढ़ाई में अच्छे थे लेकिन कोटा जाकर उन्हें डिप्रेशन का सामना करना पड़ा। वहां जाकर उनकी रैंक लगातार गिरती गई। इस दौरान उन्होंने 1 साल में 500 से अधिक फिल्में देख डालीं। हालांकि, बाद में काउंसिलिंग करवाई और अच्छी पढ़ाई करके JEE क्रैक किया और आईआईटी कानपुर में एडमिशन लेकर पढ़ाई पूरी की।

कॉर्पोरेट जॉब न करके बच्चों को पढ़ाने लगे कोचिंग

सुधीर कुमार पढ़ाई पूरी करने के बाद गांव में जाकर बच्चों को कोचिंग देने लगे। उन्हें कॉर्पोरेट जॉब के चक्कर में नहीं पड़ना था। कोचिंग सही चल रही थी लेकिन कोविड के दौरान वो बंद हो गई। एक बार उन्हें दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए पैसे चाहिए थे। पैसे के लिए उन्होंने BPSC की परीक्षा को देने का निर्णय लिया क्योंकि इस परीक्षा को पास करने पर 50 हजार प्राइज मनी मिलती थी। लेकिन एग्जाम पास करने के बाद उन्हें पता चला कि जनरल श्रेणी के लिए यह धनराशि नहीं मिलती है। लेकिन तब तक वे एक अधिकारी बन चुके थे।

अगले ही साल UPSC भी कर ली क्रैक

बीपीएससी क्रैक करने के बाद उनके मन में यूपीएससी परीक्षा का विचार आया। अगले ही साल उन्होंने इस एग्जाम में भाग लिया और रेलवे सर्विस (IRMS) में ऑफिसर पद पर तैनात हो गए।

कौन हैं सुधार कुमार

सुधीर कुमार बिहार के वैशाली के रहने वाले हैं। उनके पिता पोस्ट ऑफिस में कार्यरत हैं वहीं उनकी माता ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफरी (ANM) पद पर काम कर रहीं हैं।

यह भी पढ़ें- एक स्टूडेंट्स को पढ़ाने रोजाना 5 किमी पैदल चलकर जाते हैं स्कूल, प्रार्थना-राष्ट्रगान सहित डेली लगती है अटेंडेंस