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एक स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए 55 साल के टीचर रोजाना 5 किमी पैदल चलकर जाते हैं स्कूल, प्रार्थना-राष्ट्रगान सहित डेली लगती है अटेंडेंस

Published: Sun, 20 Sep 2026 05:21 PM (IST)

महाराष्ट्र के दुर्गम जगह पर स्थित स्कूल में केवल एक बच्ची पढ़ती है जिसे पढ़ाने के लिए शिक्षक जीवन मिथारी प्रतिदिन 5 किमी पैदल चलकर स्कूल जाते हैं।

Teacher Jeevan Mithari

Teacher Jeevan Mithari

HighLights

  1. जीवन मिथारी एक बच्ची को पढ़ाने डेली जंगल और पहाड़ी रास्ता पार कर जाते हैं स्कूल।

  2. डेली प्रार्थना, राष्ट्रगान और अटेंडेंस का भी रखते हैं ख्याल।

करियर डेस्क, नई दिल्ली। सरकारी शिक्षकों के बारे में हमें सुनने को मिल जाता है कि वे स्कूल में सही से पढ़ाई नहीं करवाते लेकिन आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे टीचर जीवन मिथारी की जो केवल 1 गर्ल स्टूडेंट्स को पढ़ाने डेली 5 किमी पैदल चलकर स्कूल जाते हैं। चूंकि स्कूल की रास्ता पहाड़ों और जंगल से होकर गुजरता है इसके चलते वे किसी वाहन का सहारा भी नहीं लेते हैं।

1 बच्ची वाला स्कूल प्राथमिक स्कूल

इस प्राथमिक विद्यालय की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि यहां पढ़ाई करने वाली केवल एक ही छात्रा है। पिछले 13 वर्षों से इस स्कूल में सेवा दे रहे जीवन मिथारी का हौसला इस बात से कभी कम नहीं हुआ कि उनके सामने सिर्फ एक बच्ची बैठी है। वे मानते हैं कि विद्यार्थियों की संख्या चाहे कितनी भी कम हो, शिक्षा पाने के अधिकार और एक शिक्षक के कर्तव्य पर इसका कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

प्रार्थना-राष्ट्रगान सहित डेली लगती है अटेंडेंस

संख्या भले ही एक हो, लेकिन स्कूल के नियमों में कोई ढील नहीं दी जाती। हर सुबह समय पर स्कूल पहुंचकर शिक्षक राष्ट्रगान और प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत करते हैं। इसके बाद उपस्थिति दर्ज की जाती है और गणित, भाषा तथा पर्यावरण अध्ययन जैसे विषयों को पूरे विस्तार व गंभीरता के साथ पढ़ाया जाता है। शहर के बड़े निजी स्कूलों जैसी हर सुविधा इस छात्रा को उसी लगन से दी जाती है।

समर्पण की मिशाल बने स्कूल के शिक्षक

आज के दौर में जहां थोड़ी सी परेशानी आने पर लोग अपने कर्तव्यों से पीछे हट जाते हैं, वहीं जीवन मिथारी की यह निस्वार्थ सेवा पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी है। उनका यह प्रयास साबित करता है कि सच्चे इरादों और पक्के लक्ष्य के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है। उनका यह समर्पण न केवल उस बच्ची का भविष्य संवार रहा है, बल्कि समाज को भी एक गहरी सीख दे रहा है।

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