Success Story: लालटेन में की पढ़ाई, 20 लाख पैकेज वाली नौकरी को ठुकराया, जानें कैसे गटर खोदने वाले का बेटा बना SP
अभावों के बीच यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करने वाले शरण कांबले आज राजस्थान में बतौर SP के रूप ...और पढ़ें

Who Is Sharan Kamble: यहां पढ़ें शरण कांबले की सक्सेस स्टोरी।
HighLights
20 लाख पैकेज वाली नौकरी को ठुकराया।
लालटेन में की पढ़ाई।
पिता करते थे गटर खोदने का काम।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से निकलकर IPS बनने वाले शरण गोपीनाथ कांबले को खुद पर विश्ववास था कि वह एक दिन अपनी मेहनत से परिवार का काया पलट देंगे। घर में पढ़ाई के लिए बिजली नहीं थी, तो शरण ने लालटेन की रोशनी के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखी।
घर का पालन पोषण करने के लिए पिता गटर खोदने का काम किया करते थे, तो मां खेतों से सब्जियां लाती थी। शरण भी परिवार का सहारा बनने के लिए अपनी मां के साथ सब्जियां बेचने में मदद करते थे। ताकि परिवार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम किया जा सके। जीवन में तमाम चुनौतियों के बावजूद भी शरण ने कभी भी हार नहीं मानी।
उन्होंने अपनी मेहनत से न केवल देश के सबसे बेहतरीन कॉलेज में दाखिला लिया, बल्कि UPSC की परीक्षा भी पास की। आज शरण उन लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन हैं, जो घर की खराब आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं।
लालटेन में की पढ़ाई
शरण कांबले का जन्म महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में 30 सितंबर, 1993 में हुआ था। वह गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। शरण ने अपनी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से पूरी की है। स्कूल जाने के लिए उन्हें रोजाना 12 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। बता दें, शरण के घर में बिजली नहीं थी। इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए लालटेन का सहारा लिया। घर में तमाम अभावों के कारण भी शरण ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कक्षा 10वीं में 95 प्रतिशत अंक और कक्षा 12वीं में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

अभावों के बावजूद भी नंबर 1 यूनिवर्सिटी में लिया दाखिला
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु से पढ़ाई करने के लिए तमाम छात्र सपना देखते हैं। लेकिन शरण ने दिन रात मेहनत करके देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। शरण ने IISc बेंगलुरु से एमटेक की पढ़ाई पूरी की है।
20 लाख पैकेज वाली नौकरी को ठुकराया
एमटेक पूरा करने के बाद शरण के पास 20 लाख पैकेज वाली नौकरी का ऑफर आया। लेकिन उन्होंने इसे पल भर में ठुकरा दिया। हालांकि यह फैसला उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। क्योंकि इस नौकरी की मदद से वह अपने परिवार की तंगहाली को दूर कर सकते थे। लेकिन शरण का सपना नौकरी के साथ-साथ देश की सेवा करना भी था। इसलिए उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की। आपको बता दें, शरण ने साल 2019 में यूपीएससी सीएपीएफ की परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद साल 2020 में उन्होंने दोबारा यूपीएससी क्रैक किया और 542वीं रैंक हासिल की। साल 2020 में उनका चयन बतौर IPS के लिए हुआ। हालांकि उन्होंने खुद को दोबारा मौका दिया और साल 2021 में उन्होंने 127वीं रैंक हासिल की। इस बार उनका चयन आईएफएस के लिए हुआ। लेकिन उन्होंने बतौर आईपीएस के रूप में देश की सेवा करने का फैसला लिया।

नशा तस्करों के लिए सख्त नियम
यूपीएससी क्रैक करने के बाद शरण को बतौर आईपीएस के रूप में राजस्थान का कैडर मिला। शरण ने राजस्थान में बतौर आईपीएस के रूप में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली। राजस्थान के जालोर में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त नियम बनाया। बता दें, नशा के खिलाफ रोकथाम और लोगों को जागरूकता करने के लिए SP शरण को डीजीपी डिस्क अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका हैं।
