विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CBSE: कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल करके रचा इतिहास, नंदिका ने बताया सफलता का मंत्र

Published: Thu, 24 Sep 2026 05:50 PM (IST)Updated: Thu, 24 Sep 2026 06:01 PM (IST)

भोपाल की नंदिका गुप्ता ने पुनर्मूल्यांकन के बाद सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 100% अंक हासिल कर इतिहास रचा। वह ...और पढ़ें

यहां पढ़ें नंदिका गुप्ता की सक्सेस स्टोरी।

यहां पढ़ें नंदिका गुप्ता की सक्सेस स्टोरी।

करियर डेस्क, नई दिल्ली। बोर्ड परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल करना सभी छात्रों का ख्वाब होता है। लेकिन जब भोपाल की रहने वाली नंदिका गुप्ता ने CBSE कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल किए, तो वह इन नंबरों से संतुष्ट नहीं हुई। क्योंकि नंदिका को अपनी काबिलियत और प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था। इसलिए शिक्षकों से चर्चा करने के बाद उन्होंने दोबारा मूल्यांकन करवाने का अहम फैसला लिया।

संशोधित परिणाम जारी किया गया तो नंदिका के रिजल्ट में 2 अतिरिक्त अंकों को जोड़ा गया, जिसके बाद नंदिका ने बोर्ड परीक्षा में 500 अंक हासिल करके इतिहास रच दिया। हालांकि बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बावजूद भी नंदिका का मानना है कि छात्रों को नंबरों की परवाह किए बगैर पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। आज नंदिका गुप्ता सभी छात्रों के लिए एक प्रेरणा हैं। 

भोपाल का रोशन किया नाम

कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल करने के बाद नंदिका की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने पूरे प्रदेश में उनका नाम रोशन किया है। साथ ही उन्होंने कहा उनकी बेटी बहुत ज्यादा समझदार है। नंदिका की इस उपलब्धि से उनका परिवार बेहद की खुश है। बता दें, नंदिका का परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। नंदिका के पिता प्रोफेसर और मां एक शिक्षिका है। साथ ही उनकी बड़ी बहन एलएलबी की पढ़ाई कर रही है और नंदिका ने पूरे 100 प्रतिशत अंक हासिल करके इतिहास रच दिया है।

उत्तर पुस्तिका को दी चुनौती

भोपाल की रहने वाली नंदिका गुप्ता ने भोपाल के सागर पब्लिक स्कूल से कक्षा 10वीं की पढ़ाई की है। नंदिका ने बोर्ड परीक्षा में कुल 99.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। लेकिन परिणाम जारी होने के बाद वह अपने अंकों से संतुष्ट नहीं थी। उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने के बाद उन्होंने पाया कि अंग्रेजी विषय के एक बहुविकल्पीय प्रश्न के लिए एक अंक काटा गया और विज्ञान विषय में भी दिए गए अंक उनके अनुसार सही नहीं थे। इसके बाद उन्होंने अपने शिक्षकों के साथ मिलकर इस विषय पर चर्चा की और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने का फैसला लिया। री-इवैल्यूएशन का परिणाम जारी होने के बाद उनके रिजल्ट में 2 अंकों को जोड़ा गया और इस प्रकार नंदिका गुप्ता ने कक्षा दसवीं में 500 अंक हासिल किए।

IAS बनने का है सपना

कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पूरे 100 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली नंदिका गुप्ता IAS बनना चाहती हैं। यूपीएससी की तैयारी करने के लिए उन्होंने कक्षा 11वीं में ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम का चयन किया है। उनका लक्ष्य अब यूपीएससी की सिविल सर्विस पास करके देश की सेवा करना है।

नंदिका ने कहा पढ़ाई केवल खुद के लिए करें

कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल करने के बावजूद नंदिका छात्रों को सलाह देती है कि पढ़ाई केवल स्वयं के लिए करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने छात्रों को नंबरों के पीछे न भागने की सलाह दी है। नंदिका के अनुसार नतीजे चाहे जैसे भी हो, लेकिन छात्रों को स्वयं पर विश्वास होना चाहिए हमेशा स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने नंदिका से मुलाकात कर उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी है। यही नहीं उन्होंने नंदिका की कड़ी मेहनत, साहस और अनुशासन की भी सराहना की है। उदय प्रताप सिंह ने नंदिका को आगे बढ़ने एवं सीखने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।

 

यह भी पढ़ें: मंजिल सैनी: प्रेग्नेंसी के दौरान पहले ही प्रयास में क्रैक किया यूपीएससी, जानें किडनी रैकेट का पर्दाफाश करने वाली कौन हैं लेडी सिंघम