जागरण संवाददाता, कोलकाता। बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से बीएसएफ की 153वीं बटालियन के जवानों ने गोमांस की तस्करी करते एक बार फिर दो भारतीय युवकों को रंगे हाथों पकड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों तस्करों के पास से 12 किलोग्राम गोमांस (बीफ) बरामद किया गया, जिसे सीमा पार कराकर वह बांग्लादेश में इसकी तस्करी करने की फिराक में था। 153वीं बटालियन के कमांडेंट जवाहर सिंह नेगी ने बताया कि बीएसएफ की सीमा चौकी (बीओपी) घोजाडांगा इलाके से शनिवार को जवानों ने गोमांस के साथ दोनों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र से दो दिनों के भीतर गोमांस के साथ तस्करों की गिरफ्तारी की यह दूसरी घटना है। इससे पहले गुरुवार को भी बीओपी घोजाडांगा इलाके से ही जवानों ने 15 किलोग्राम गोमांस के साथ मोनिरूल मंडल (29) नामक शख्स को रंगे हाथों पकड़ा था। वह भी गोमांस की बांग्लादेश में तस्करी करने वाला था।

इधर, शनिवार को पकड़े गए तस्करों की पहचान शहाबुद्दीन मंडल (31) व केताबुल मंडल (32) के रूप में हुई है। ये दोनों शख्स भी घोजाडांगा के उत्तरपाड़ा गांव का ही रहने वाला है। कमांडेंट नेगी ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात जवानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में बार्डर रोड से दिन में करीब 12 बजे दोनों को साइकिल से जाते देखा। उसकी साइकिल पर प्लास्टिक के बैग (झोला) टंगे थे। संदेह होने पर जवानों ने उसे रोककर तलाशी ली तो दोनों के बैग से 12 किलोग्राम गोमांस बरामद किया गया। इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।

बीएसएफ अधिकारी के अनुसार, पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह गोमांस की बांग्लादेश में तस्करी करने वाला था। बीएसएफ ने आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए पकड़े गए दोनों तस्करों को जब्त सामान के साथ कस्टम कार्यालय घोजाडांगा के हवाले कर दिया है। कमांडेंट नेगी ने आगे बताया कि इस सीमा से मवेशियों की तस्करी पूरी तरह बंद हो चुकी है। इसके बाद आए दिन तस्कर चोरी-छिपे गोमांस की तस्करी की फिराक में रहते है लेकिन सतर्क जवान उनके मंसूबे पर लगातार पानी फेर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे अपने इलाके से किसी सूरत में किसी प्रकार की तस्करी नहीं होने देंगे। 

Edited By: Priti Jha