राज्य ब्यूरो, कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल की बेटी सुकन्या के खिलाफ मुकदमा दायर करके अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने सोमवार को एक मामले पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुकदमा करने वालों पर उन्होंने जुर्माना लगाने के बारे में भी सोचा था।

टेट परिक्षा को लेकर उठाए थे सवाल

गौरतलब है कि कुछ समय पहले कलकत्ता हाई कोर्ट में मुकदमा दायर करके दावा किया गया था कि अनुब्रत की बेटी ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास नहीं की है। उनके पास टेट का प्रमाणपत्र नहीं है। जिस सरकारी स्कूल में उनकी नियुक्ति की गई है, वे वहां पढ़ाने भी नहीं जाती हैं। इसके आधार पर न्यायाधीश गंगोपाध्याय ने सुकन्या को टेट प्रमाणपत्र लेकर सशरीर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था।

टेट प्रमाणपत्र को लेकर भी संशय

हालांकि बाद में उन्होंने अपने इस आदेश को वापस ले लिया था। कुछ लोगों का कहना है कि सुकन्या के पास टेट का प्रमाणपत्र है। न्यायाधीश गंगोपाध्याय ने कहा कि इस मुकदमे में दाखिल किए गए कागजातों को देखकर ही उन्हें समझ में आ गया था कि अदालत को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

Edited By: Amit Singh

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