संवाद सहयोगी, कुल्लू : केंद्र सरकार की अटल मिशन रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजना से कुल्लू शहर में सीवरेज व्यवस्था में सुधार हुआ है। 11 वार्ड वाले कुल्लू शहर में योजना के पहले चरण में करीब 15 करोड़ रुपये से विभिन्न कार्य हुए है। इसमें 10 करोड़ की लागत से ट्रीटमेंट प्लांट (लंकाबेकर व भूतनाथ) का अत्याधुनिक तकनीक से विस्तार किया गया है।

एमबीबीआर (मूविग बेड बायोफिल्म रिएक्टर) तकनीक से अब सीवरेज से निकलने वाला पानी साफ होकर ब्यास नदी में घुल मिल रहा है। दोनों प्लांट से निकलने वाले पानी को सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन दोनों प्लांट शहर के बीचोंबीच हैं। ब्यास नदी भी समीप है। सिचाई के लिए भूमि आसपास नहीं है। विभाग इस पानी को ब्यास नदी में ही डाल रहा है।

शहर के वार्ड नौ हनुमानीबाग में स्थापित सीवरेज प्लांट अपग्रेड किया गया है। वह भी कार्य कर रहा है। सीवरेज का पानी पहले की अपेक्षा और अधिक साफ होकर निकल रहा है। करीब पांच करोड़ से सीवरेज लाइन का विस्तार सहित सीवरेज के अन्य कार्य हुए हैं। 642 ने नहीं लिए हैं सीवरेज कनेक्शन

शहर में पानी के 4270 कनेक्शन हैं। इनमें 3628 लोग ही सीवरेज से जुड़े हैं। 642 के करीब लोग सीवरेज कनेक्शन लेने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। सीवरेज कनेक्शन न लेने और अवैध तरीके से जलशक्ति विभाग के चैंबर में सीवरेज का पानी डालकर अपना काम चलाने वालों के खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है। नोटिस भेजकर उन्हें कनेक्शन लेने के लिए भी चेताया जा रहा है। विभाग की ओर से सीवरेज कनेक्शन लगाने के बारे में घर-घर जाकर आग्रह भी किया जा रहा है। अमृत योजना के तहत कुल्लू शहर का विकास हो रहा है। योजना के पहले चरण में शहर के सभी 11 वार्ड में विभिन्न विकास कार्य करवाए गए हैं। अब दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। हर घर को सीवरेज कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है।

-गोपाल कृष्ण महंत, अध्यक्ष नगर परिषद कुल्लू। कुल्लू शहर में अमृत योजना के तहत पहले चरण में करीब 15 करोड़ रुपये से विभिन्न कार्य करवाए गए हैं। दो ट्रीटमेंट प्लांट व शहर की सीवरेज लाइनों को अपग्रेड किया गया है। साथ ही अन्य कार्य भी पूर्ण किए हैं। अब शेष कार्य दूसरे चरण में करवाए जाएंगे।

-अमित मेरुपा, अधिशाषी अभियंता जलशक्ति विभाग कुल्लू मंडल।

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