आगरा, जागरण संवादददाता। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के कुल 167 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 8.41 करोड़ रुपये की धनराशि दिलाई। वहीं परिवार न्यायालय में कुल 136 मामलों का निस्तारण किया गया। सुलह के बाद 20 जोड़े न्यायालय से विदा हुए। इससे पहले जिला जज विवेक संगल ने मां सरस्वती की तस्वीर के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया। दीवानी परिसर में जिला जज और न्यायिक अधिकारियों ने तिरंगा यात्रा भी निकाली।

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। पीठासीन अधिकारी राजेश उपाध्याय द्वारा सुलह समझौते के आधार पर मोटर दुर्घटना क्लेम के 110 मामलों को निस्तारण किया गया। जिसमें 7,28,75000 रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़ितों को दिलाई गई। इसके अलावा 57 प्रकीर्ण वादों का निस्तारण करते हुए 1,12,45,529 रुपये की धनराशि पीड़ितों को दिलाई गई। इस तरह कुल 186 मामलों को निस्तारित करते हुए 8,41,21,529 रुपये की धनराशि पीड़ितों को दिलाई।

वहीं, परिवार न्यायालय में कुल 136 वादों काे निस्तारित किया गया। इनमें तलाक, भरण पोषण आदि के मामले थे। सुलह के बाद 20 जोड़े शनिवार को विदा हुए।

लोन माफी की घोषणा के बाद किसानों को भेज दिया वसूली का नोटिस

सिकंदरा के सींगना बुर्ज बाईंपुर निवासी भूरी सिंह, अजय पाल भी लाेक अदालत में आए थे। इन किसानों का कहना था कि कृषि लोन माफी की घोषणा उसकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी बैंक ने उन्हें वसूली का नोटिस भेज दिया। भूरी सिंह ने वर्ष 2014 में 95 हजार रुपये और अजय पाल ने भी इसी वर्ष में 82 हजार रुपये का कृषि लोन लिया था। 

Edited By: Tanu Gupta