जागरण टीम, संगरूर, मालेरकोटला जिला व सेशन जज-कम-चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी संगरूर रजिदर सिंह राय की अगुआई में संगरूर समेत अन्य सबडिवीजन पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। विभिन्न प्रकार के केसों पर विचार किया गया। इन केसों के निपटारे के लिए जिला स्तर पर कुल 15 लोक अदालत बेंच का गठन किया गया। उपमंडल स्तर पर करीब नौ लोक अदालत बेंच लगाए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 10575 केस निपटारे के लिए रखे गए थे, जिनमें से 5815 केसों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति से करवाया गया।

जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी संगरूर द्वारा लोक अदालत में 29 करोड़ 50 लाख 64 हजार 756 रुपये के अवार्ड पास किए गए। माननीय जज राजिदर सिंह राय ने कहा कि लोक अदालत में लोगों द्वारा केस का निपटारा होने पर उत्साह दिखाई दिया। लोक अदालत के जरिए केसों के होने वाले निपटारे उपरांत कोर्ट फीस वापस की जाती है व दोनों पक्षों के समय व पैसे की बचत होती है।

उधर, मालेरकोटला में जिला व सेशन जज-कम-चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी राजिदर सिंह राय की अगुआई में सबडिवीजन मालेरकोटला में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के दौरान गैर राजीनामा योग्य फौजदारी केसों को छोड़कर हर प्रकार के दीवानी व माल केसों का विचार किया गया। लोक अदालत संबंधी मालेरकोटला जिले में ज्यूडिशियल अदालतों के तीन बेंच का गठन किया गया। लोक अदालत में 246 केसों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति से करवाया गया। करीब चार करोड़ 19 लाख 58 हजार 682 के वार्ड पास किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान एडिशनल सिविल जज सीनियर डिवीजन रूपा धालीवाल, सिविल जज जूनियर डिवीजन हसनदीप सिंह बाजवा, सिविल जज जूनियर डिवीजन सुरेश कुमार के नेतृत्व में लगाई गई। माननीय जज रूपा धालीवाल ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों के मसलों को आपसी सहमति से हल करना है, ताकि उनका समय व पैसा बच सकें।

Edited By: Jagran