नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल अब तक संसद और सांसदों के बारे में जो बातें भाषणों में कहते रहे हैं, उसे लिख कर सीधे संसद को ही भेज दिया है। संसद से आए विशेषाधिकार हनन नोटिस के जवाब में उन्होंने एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने फिर चिंता जताते हुए कहा है, 'लोकसभा के अंदर 162 ऐसे सांसद हैं, जिन पर 522 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 76 के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं..जब तक ऐसे लोग संसद में बैठे हैं, तब तक इस देश से अपराध कम नहीं होगा। आप ही बताइए ऐसे सांसदों का मैं सम्मान कैसे करूं।'

केजरीवाल ने शुक्रवार को राज्यसभा और लोकसभा सचिवालय को विशेषाधिकार हनन के नोटिस के जवाब में चार पेज का लंबा जवाब भेजा है। इसमें उन्होंने संसद के अपमान के आरोप को गलत बताते हुए लिखा है, 'मैं संसद की बहुत इज्जत करता हूं। संसद का बहुत सम्मान करता हूं। जनतंत्र के मंदिर की तरह मानता हूं।' लेकिन साथ ही कहा है कि 'संसद का अपमान बाहर के लोगों की बजाय इसके अंदर बैठे कुछ लोग कर रहे हैं।'

संसद और सांसदों को ले कर विवादास्पद तेवर जारी रखते हुए उन्होंने लिखा है कि जो दागी लोग संसद में बैठे हैं, उनके खिलाफ मामले पूरे होने में दशकों लगेंगे। अगर 20 साल बाद इनके खिलाफ लगाए आरोप सही साबित पाए जाते हैं तो क्या यह अत्यंत चिंता का विषय नहीं होगा कि इतने वर्षो तक हमारी संसद में ऐसे हत्यारे, ठग और अपहरणकर्ता कानून बनाते रहे? राष्ट्रीय जनता दल के दो सांसदों राजनीति प्रसाद और रामकृपाल यादव के नोटिस के जवाब में भेजे गए अपने पत्र में केजरीवाल ने सवाल उठाया है कि जिन सांसदों ने संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत ली, उनके खिलाफ आरोप साबित होने के बाद भी उन्हें सिर्फ सदस्यता से हटाया गया। संसद का ऐसा अपमान करने वाले सांसदों को जेल क्यों नहीं भेजा गया?

इसी तरह टीम अन्ना सदस्य ने एक निजी एयरलाइन के मालिक का उदाहरण देते हुए कहा कि इनके किसी जनसेवा के काम के बारे में वे नहीं जानते। इसके बाद भी वे नागरिक उड्डयन पर संसद की स्थायी समिति के सदस्य के नाते देश की उड्डयन नीति बना रहे हैं। जाहिर है कि वे ऐसी ही नीतियां बनाएंगे जिनसे उनकी एयरलाइन को फायदा मिले। इस उदाहरण के जरिए भी केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या ऐसा दुरुपयोग संसद का अपमान नहीं?

केजरीवाल के सवाल:-

1-कुछ ऐसे सांसद हैं जिन्हें आप शादी-विवाह, त्योहार में अपने घर बुलाने से भी कतराएं। क्या ऐसे लोगों के संसद में बैठने से संसद का अपमान नहीं होता?

2-क्या सांसदों को खरीदना और सांसदों का बिकना देशद्रोह से कम है? कैसे करूं ऐसे सांसदों की इज्जत?

3-अंदर बिल फाड़े जाएं तो अध्यक्ष सहित पूरा सदन मौन रहता है, लेकिन बाहर कोई मुहावरा भर कह दे तो आहत हो क्यों हो जाते हैं सांसद?

4-रिश्वत ले प्रश्न पूछने वालों को संसद के अपमान पर जेल क्यों नहीं?

5-कलमाड़ी, राजा, लालू के भ्रष्टाचार ने गरिमा घटाई या बढ़ाई?

6-उद्यमियों को संसद में बैठ अपने फायदे की नीति बनाने की छूट क्यों?

विशेषाधिकार नोटिस का जवाब भेज कर फिर उठाए संसद पर सवाल

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