नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। महंगाई पर काबू पाने और रुपये को सुरक्षित रखने के प्रयास में रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख ब्याज दर बढ़ाने के बाद शुक्रवार को इक्विटी बेंचमार्क मामूली रूप से उच्च स्तर पर समाप्त हुआ। व्यापारियों ने कहा कि पूंजी बाजार में लगातार विदेशी फंड की आमद और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से शेयर बाजारों को गति हासिल करने में मदद मिली। इससे 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 89.13 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 58,387.93 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 350.39 अंक या 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 58,649.19 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 15.50 अंक या 0.09 प्रतिशत बढ़कर 17,397.50 पर बंद हुआ।

आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को प्रमुख ब्याज दर को 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया। मई के बाद से यह तीसरी वृद्धि है। नवीनतम वृद्धि के साथ रेपो दर या अल्पकालिक उधार दर जिस पर बैंक उधार लेते हैं, वह 5.15 प्रतिशत के पूर्व-महामारी स्तर को पार कर गया है।

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के मुख्य अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आज 50 बीपीएस की दर में बढ़ोतरी व्यापक रूप से आम सहमति की उम्मीदों के अनुरूप है।

टॉप गेनर और टॉप लूजर फर्म

सेंसेक्स पैक से अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, इंफोसिस, विप्रो और एक्सिस बैंक प्रमुख लाभ में रहे। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंडसइंड बैंक टॉप लूजर में शामिल हुए। एशिया में सियोल, शंघाई, टोक्यो और हांगकांग के बाजार हरे निशान में बंद हुए, जबकि मध्य कारोबारी सत्रों के दौरान यूरोपीय शेयर निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे। बता दें कि गुरुवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत बढ़कर 94.29 डॉलर प्रति बैरल हो गया। विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध खरीदार बने रहे, क्योंकि उन्होंने एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को 1,474.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। 

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे बढ़कर 79.23 पर बंद हुआ रुपया

रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की तेजी के साथ 79.23 (अनंतिम) पर बंद हुआ।

Edited By: Sarveshwar Pathak