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Share Market Open: शेयर बाजार में नहीं थमा है गिरावट का दौर, सेंसेक्स 478 और निफ्टी 152 अंक टूटा

Share Market Today लगातार 6 कारोबारी सत्र से शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। इस गिरावट की मुख्य वजह मध्य देशों में चल रहे तनाव और तिमागी नतीजों के आंकड़े हैं। फिहा क्रूड ऑयल की कीमतो में नरमी देखने को मिल रही है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। (जागरण फाइल फोटो)

By AgencyEdited By: Priyanka KumariThu, 26 Oct 2023 11:10 AM (IST)
शेयर बाजार में नहीं थमा है गिरावट का दौर

एजेंसी, नई दिल्ली। शेयर बाजार में गिरावट का दौर अभी भी रुका नहीं है। 6 कारोबारी दिन से शेयर बाजार लाल निशान पर कारोबार कर रहा है। इस गिरावट की मुख्य वजह मध्य देशों में चल रहे संघर्ष और तिमाही नतीजों के आंकड़े हैं। इसके अलावा विदेशी फंड के बहिर्वाह ने भी शेयर मार्केट को प्रभावित किया है।

आज बीएसई सेंसेक्स 502.5 अंक गिरकर 63,546.56 पर पहुंच गया। निफ्टी 159.55 अंक गिरकर 18,962.60 पर आ गया।

टॉप गेनर और टॉप लूजर्स

सेंसेक्सपैक में टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा मोटर्स, नेस्ले और टाइटन के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। बीते दिन बाजार बंद होने के बाद टेक महिंद्रा ने दूसरे तिमाही नतीजों का एलान किया था। इस एलान में कंपनी ने बातया था कि उसके नेट प्रॉफिट में 61 फीसदी की गिरवाट आई है। जिसके बाद आज कंपनी के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा गिर गए।

बुधवार को एक्सेस बैंक ने तिमाही नतीजों का एलान किया था। इस एलान में बैंक ने बताया कि उसके नेट प्रॉफिट में 10 फीसदी की बढ़त हुई है। आज केवल एक्सिस बैंक के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट का हाल

एशियाई बाजारों में, सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग निचले स्तर पर थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा

अर्थशास्त्र और भू-राजनीति के संयोजन से वैश्विक इक्विटी बाजारों में जोखिम बढ़ गया है। इजराइल-हमास संघर्ष बाजारों के लिए एक प्रमुख बाधा बना हुआ है। अगर लंबे समय तक यह संघर्ष बना रहता है, तो यह वैश्विक विकास को भी प्रभावित करता है। वहीं, वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में है। हालांकि, बाजार के लिए सबसे मजबूत प्रतिकूल स्थिति अमेरिकी बांड पैदावार का अत्यधिक उच्च होना है। 10-वर्षीय बांड उपज लगभग 5 प्रतिशत के साथ एफपीआई बिक्री मोड में होने की संभावना है।

वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.29 प्रतिशत गिरकर 89.87 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 4,236.60 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।