रोहतक, जेएनएन। कारोबार में सफलता की गारंटी के लिए आपको नई सोच, नए जमाने की आहट को जानने, उसे आत्मसात करने का हुनर और ग्राहकों की समझ को परखने की काबिलियत होना जरूरी है। कारोबार में अपने प्रतिस्पर्द्धियों के मुकाबले बेहतर करने के लिए ऑफबीट एप्रोच का होना काफी अहम है। इन्हीं सारी चीजों ने कोरोना संकट के दौरान कारोबार के लिए खड़ी हुईं चुनौतियों से लड़ने में लोचव मोटर्स के जितेश लोचव की मदद की। नई तकनीकों की मदद से उन्होंने मुश्किल वक्त में भी ग्राहकों से संवाद बनाए रखा। ग्राहकों ने भी हौसला दिखाया, जिससे उनके कारोबार का पहिया घूमता रहा। जितेश कहते हैं कि किसी भी कारोबार में सफलता के लिए आपको अपनी सोच को नया आयाम देने की जरूरत है। चुनौतियों को अवसर में बदलने का माद्दा रख ही आप नए प्रतिमान गढ़ सकते हैं और अपनी कारोबारी यात्रा का रथ सुगम और सफल तरीके से चला सकते हैं। सकारात्मकता और समाधान तलाशने की सोच आपको किसी भी हालात में मुश्किल से निकाल सकती है। 

प्रबंधन की पढ़ाई के बाद शुरू किया बिजनेस

जितेश ने आईआईएम से प्रबंधन की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद उन्होंने परिवार के पुश्तैनी कंस्ट्रक्शन बिजनेस को अपनाने की बजाए खुद का कारोबार शुरू किया। 2010 में वह ऑटोमोबाइल के कारोबार में आए। मौजूदा समय में उनके 12 आउटलेट हैं और तीन सौ से अधिक कर्मचारी हैं। आइए, जितेश से ही जानते हैं कि कोरोना के समय उन्होंने कैसे व्यापार के इंजन को मेहनत और नई सोच के ईंधन से कामयाबी की डगर पर चलाया। 

समाधान 1: गूगल-फेसबुक का किया इस्तेमाल 

नई टेक्नोलॉजी को अपनाने में कभी पीछे नहीं हटे। मौजूदा समय में हमारे सेगमेंट में इश्तिहार लगाकार ग्राहकों को बुलाना उतना आसान नहीं है। अब बिजनेसमैन गूगल सर्च, फेसबुक और वॉट्सऐप के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने लगे हैं। ग्राहक भी डिजिटल पर अपनी निर्भरता को अधिक बढ़ा रहे हैं। 'गूगल माय बिजनेस' में हमारी 12 आउटलेट लिस्टेड हैं। हमने गूगल सर्च से कस्टमर बनाए हैं। कोरोना काल में तो डिजिटल निर्भरता पूरी तरह बढ़ गई है। सीधे शब्दों में कहें तो इसमें 100 फीसदी की ग्रोथ हुई है। 

(लोचव मोटर्स के जितेश लोचव)

समाधान 2: डिजिटल मार्केटिंग का प्रयोग

हमने डिजिटल मार्केटिंग का बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया। हम गूगल से पेड मार्केटिंग करते हैं। स्कीम और सेल्स के लिए भी डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल करते हैं। कोरोना के इस दौर में इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके माध्यम से कस्टमर तक बेहतर तरीके से पहुंच पाते हैं। हम इंडिपेडेंट गूगल स्टार्स से मार्क हैं। इसका फायदा हमें सर्च में मिलता है। हम वेबसाइट और अपने ऑफर्स को प्रमोट करने के लिए गूगल का प्रयोग करते हैं। 

समाधान 3: ग्राहकों से बनाए रखा संवाद, कर्मचारियों का दिया पूरा साथ

हमने इस दौर में कर्मचारियों और ग्राहकों को लगातार अपडेट करने का काम किया। हमने कर्मचारियों और ग्राहकों को हर बात की जानकारी दी। 12 आउटलेट में किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं की। उनको विभिन्न तरीके की ट्रेनिंग और जानकारियां दी गईं। हमने वॉट्सऐप ग्रुप के द्वारा ग्राहकों को स्कीम, ऑफर, सर्विसिंग आदि के बारे में बताया। वहीं, जब हमारे शोरूम बंद हुए तब भी ग्राहकों को सूचना दी। शोरूम खुलने पर टाइमिंग की जानकारी भी ग्राहकों को वॉट्सऐप पर भेजी गई। यानी संवाद लगातार बनाए रखा गया।  

समाधान 4: ग्राहकों तक पहुंचते रहे

मौजूदा समय में लोग अपने घर से बाहर निकलना तभी पसंद करते हैं, जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता हो। ऐसे में हमारी भी ये प्राथमिकता थी कि तकनीक के माध्यम से ग्राहक को हर सुविधा मिले। इसके लिए वर्चुअल रियलिटी और एआर का भी सहारा लिया। ग्राहकों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सहूलियत से लेकर गाड़ी दिखाने का सारा इंतजाम उनके अनुरूप किया। हमने प्रमोशन के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप का प्रयोग किया। 

समाधान 5: कमर्शियल व्हीकल के लिए चलाई स्कीम 

हमने कमर्शियल व्हीकल को सपोर्ट किया। हमने उनके लिए स्कीम चलाई। उनको हमने अतिरिक्त छूट दी। इसके अलावा हमने उन्हें लॉकडाउन के दौरान सर्विसंग की सुविधा दी। इससे कमर्शियल वाहन चालकों को भी फायदा हुआ। 

समाधान 6: सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था

हमने ग्राहकों को सुरक्षा के बारे में बताया। गूगल के प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें और वॉट्सऐप-फेसबुक पर सेफ्टी से जुड़े वीडियो डाले। इसका मकसद ग्राहकों में विश्वास जगाना था कि अगर आप शोरूम में आते हैं या गाड़ी खरीदते हैं, तो आपकी सुरक्षा पुख्ता रहेगी। इसके अलावा हमने गाड़ियों की सर्विसिंग के लिए भी अप्वाइंटमेंट प्रक्रिया शुरू की। इससे फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सका और ग्राहकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई।

(न्‍यूज रिपोर्ट: अनुराग मिश्रा, जागरण न्‍यू मीडिया)