पुणे के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिवार कर रहा था शव का इंतजार, अंदर डॉक्टर की दारू पार्टी; वीडियो वायरल
पुणे के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (YCMH) में एक सीनियर डॉक्टर को पोस्टमार्टम विभाग में शराब पार्टी करते हुए कैमरे ...और पढ़ें

पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टर की दारू पार्टी।
HighLights
YCMH डॉक्टर पोस्टमार्टम विभाग में शराब पार्टी करते पकड़े गए।
पिंपरी चिंचवड़ नगर आयुक्त ने डॉक्टर वैभव म्हस्के को निलंबित किया।
अस्पताल पर शव सौंपने के लिए पैसे मांगने का आरोप भी लगा।
डिजिटल डेस्क, पुणे। यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (YCMH) एक महीने में तीसरी बार विवादों में घिर गया है। इस अस्पताल का यह दूसरा मामला है और एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक सीनियर डॉक्टर को पोस्टमार्टम विभाग में शराब की पार्टी करते हुए देखा जा सकता है।
पिंपरी चिंचवड़ नगर आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने संबंधित डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर डॉ. वैभव म्हस्के को सस्पेंड कर दिया है। पिछले पांच हफ्तों में दो वायरल वीडियो के कारण YCMH की कड़ी आलोचना हो रही है।
क्या है मामला?
शुक्रवार को जारी सस्पेंशन आदेश में सूर्यवंशी ने बताया कि डॉ. म्हस्के ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए गए। उन्होंने मरीजों की देखभाल, सर्जरी और अस्पताल की अन्य जरूरी सेवाओं में बाधा डाली।
यह कार्रवाई 3 अक्टूबर को रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो के सामने आने के बाद की गई है। उस दिन धाराशिव जिले के एक दिहाड़ी मजदूर का थेरगांव में एक निर्माण स्थल पर एक्सीडेंट हो गया था। उसे YCMH अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वीडियो में मृतक का परिवार नशे की हालत में दिख रहे म्हास्के से शव लेने के लिए जरूरी दस्तावेज देने की गुहार लगाता नजर आ रहा है। उसके पास रखी मेज पर शराब की एक बोतल भी दिख रही है। मृतक के एक दोस्त ने बताया कि यह वीडियो तब रिकॉर्ड किया गया था, जब परिवार को शव पाने के लिए पूरी रात इंतजार करना पड़ा। उसने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने शव तुरंत सौंपने के बदले पैसों की मांग की।
उसने आरोप लगाया, "जब परिवार जरूरी दस्तावेजों के लिए पोस्टमार्टम विभाग गया तो उनसे कहा गया कि शव सुबह ही मिलेगा। अगर उन्हें रात में शव चाहिए तो पैसे देने होंगे।" यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया है, जिसके बाद लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लोगों ने अपना अनुभव भी किया साझा
इस वीडियो के सामने आने के बाद रात के समय शव सौंपने के बदले पैसों की मांग करने के आरोपों पर सबका ध्यान गया है। सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने भी अपने साथ हुए ऐसे ही अनुभवों को साझा किया है। बाल अधिकार कार्यकर्ता यामिनी अडबे ने दावा किया कि YCMH के कर्मचारियों ने उनके एक दोस्त से रात में शव सौंपने के बदले 27,000 रुपये की मांग की थी।
विवादों से पुराना नाता
इससे पहले के एक वीडियो में एक बेघर मरीज और जिस स्ट्रेचर पर उसे बांधा गया था, उसे चलती एम्बुलेंस से बाहर गिरते हुए देखा गया। इससे पहले, 22 सितंबर को अस्पताल परिसर में ढोल-ताशे के साथ शोर-शराबा करने का एक वीडियो भी सामने आया था।
