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'रिश्ता रोमांटिक था और आपसी सहमति से बने संबंध', रेप केस में पुणे कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:47 AM (GMT+05:30)

पुणे की ठाणे जिला अदालत ने अपहरण और बलात्कार के एक मामले में 26 वर्षीय युवक को बरी कर दिया ...और पढ़ें

रेप के आरोपी को अदालत ने किया बरी। (प्रतीकात्मक तस्वीर।)

रेप के आरोपी को अदालत ने किया बरी। (प्रतीकात्मक तस्वीर।)

HighLights

  1. ठाणे जिला अदालत ने अपहरण और रेप के आरोपी को बरी किया।

  2. अदालत ने रिश्ता आपसी सहमति और रोमांटिक पाया।

  3. पीड़िता बालिग थी, नाबालिग होने का आरोप गलत साबित हुआ।

डिजिटल डेस्क, पुणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले की अदालत ने एक लड़की के अपहरण और रेप के आरोपी 26 साल के युवक को बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि उनका रिश्ता आपसी सहमति से था और लड़की नाबालिग नहीं, बल्कि बालिग थी।

स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के जज प्रेमल एस विठलानी ने 29 अगस्त को दिए आदेश में कहा कि आरोपी और पीड़िता के बीच रोमांटिक रिश्ता था। इस आदेश की कॉपी मंगलवार को मिली।

क्या था आरोप?

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि 14 जून 2019 को युवक ने ठाणे की रहने वाली पीड़िता (जिसने अपनी उम्र 17 साल बताई थी) का अपहरण किया, उसे उत्तर प्रदेश ले गया और उसके साथ जबरदस्ती यौन शोषण किया। बाद में लड़की गर्भवती हो गई और फरवरी 2021 में उसने एक बच्चे को जन्म दिया।

आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत अपहरण और रेप का मामला दर्ज किया गया था।

अदालत ने क्या कहा?

बचाव पक्ष के वकील ने अभियोजन पक्ष के मामले में कमियां निकालीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि सबूतों से साफ पता चलता है कि पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी के साथ उत्तर प्रदेश गई थी। अदालत ने कहा, "...रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से इसमें कोई शक नहीं रह जाता कि पीड़िता और आरोपी के बीच रोमांटिक रिश्ता था।"

अदालत ने पाया कि पीड़िता के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे और उसके लिए दूल्हा ढूंढ रहे थे, जबकि वह खुद आरोपी के साथ यूपी गई थी। अदालत ने आगे कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री को देखते हुए इसमें कोई शक नहीं है कि पीड़िता के बालिग होने के बाद उसकी आरोपी से शादी हुई और उसके बाद उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए।

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