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वोटर आईडी अपडेट करने का कॉल आए तो हो जाएं सावधान, पुणे में चुनाव आयोग अधिकारी बनकर बुजुर्गों से लाखों की ठगी

Published: Sun, 11 Oct 2026 10:00 PM (IST)

पुणे में चुनाव आयोग का अधिकारी बनकर दो बुजुर्गों से लाखों रुपये की ठगी की गई। साइबर अपराधियों ने मतदाता ...और पढ़ें

चुनाव आयोग अधिकारी बनकर पुणे के बुजुर्गों से लाखों की ठगी (AI फोटो)

चुनाव आयोग अधिकारी बनकर पुणे के बुजुर्गों से लाखों की ठगी (AI फोटो)

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डिजिटल डेस्क, पुणे। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का अधिकारी बनकर एक अज्ञात व्यक्ति ने पुणे के 78 वर्षीय निवासी से आठ लाख रुपये ठग लिए। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पीड़ित जितेंद्र कुमार आहूजा पुणे के घोरपड़ी इलाके के निवासी हैं। उनसे 8,00,015.34 रुपये की ठगी की गई। इस मामले में 10 अक्टूबर को मुंढवा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपित ने ईसीआई का अधिकारी बनकर आहूजा का भरोसा जीता। उसने आहूजा से कहा कि उनके दस्तावेजों का मिलान नहीं हो रहा है। इसके बाद उसने आहूजा को एक लिंक भेजा और उसमें अपनी जानकारी भरने को कहा।

आरोप है कि आरोपित ने लिंक के जरिए आहूजा के मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल की और उनसे आठ लाख रुपये से अधिक की ठगी की। यह घटना एक से तीन अक्टूबर के बीच हुई। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 319(2), 318(4) और 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। र

विवार को सामने आया यह इस तरह का दूसरा मामला है।

इससे पहले दिन में पुलिस ने बताया था कि पुणे में एक व्यक्ति ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) का अधिकारी बनकर मतदाता पहचान पत्र अपडेट करने के बहाने 80 वर्षीय व्यक्ति से आनलाइन पांच लाख रुपये ठग लिए। इस घटना के संबंध में पुणे के लक्ष्मीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता कंजशेरी वैद्यनाथन वेंकटेशन (80) वाहन विनिर्माण कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और पुणे के येरवडा इलाके में रहते हैं। आरोपित ने उन्हें फोन कर ईसीआइ कार्यालय का अधिकारी होने का दावा किया और कहा कि उन्हें अपना मतदाता पहचान पत्र अपडेट कराना होगा। इसके बाद आरोपित ने उन्हें एपीके फाइल डाउनलोड करने को कहा।

फाइल डाउनलोड होने के बाद आरोपित ने पीड़ित के मोबाइल की स्क्रीन तक पहुंच हासिल कर ली, उनके बैंकिंग पासवर्ड से छेड़छाड़ की और धोखाधड़ी कर पांच लाख रुपये निकाल लिए। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 308, 318(4) और 319(2), साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66(डी) और 66(सी) के तहत लक्ष्मीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की जांच जारी है।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)