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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की जांच के लिए SIT गठित, ज्वाइंट सीपी की अध्यक्षता में होगी जांच

Published: Sat, 27 Jun 2026 10:23 PM (IST)

महाराष्ट्र में नीट-यूजी के बाद अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रश्नपत्र लीक हो गया है, जिसके बाद रविवार को ...और पढ़ें

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की जांच के लिए SIT गठित। (एएनआई)

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की जांच के लिए SIT गठित। (एएनआई)

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डिजिटल डेस्क, पुणे। नीट-यूजी का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि शनिवार को महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पर्चा आउट हो गया है।

एक दिन पहले पेपर लीक होने के चलते रविवार को होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इसमें छह लाख अभ्यर्थी बैठने वाले थे। मूल प्रश्नपत्र की प्रतियों के साथ बिहार और हरियाणा निवासी तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

जांच के लिए एसआईटी का गठन

जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। लीक के स्रोत का पता लगाने और इस रैकेट के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को अलग-अलग राज्यों में भेजा गया है, पुलिस ने बताया कि 27 जून को ठाणे जिले के भिवंडी के डीसीपी पवन बंसोड़ को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने की साजिश रच रहे हैं।

सूचना पर छापा मारकर पुलिस ने प्रश्नपत्रों की कई प्रतियां बरामद कीं। पूरी जांच-पड़ताल के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि संदिग्धों के पास मिले प्रश्नपत्र वास्तव में 28 जून की परीक्षा के असली प्रश्नपत्र ही हैं।

पेपर लीक से छिड़ा सियासी घमासान

नीट-यूजी का पेपर लीक होने के लगभग दो महीने बाद हुई इस घटना से राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पेपर लीक को बेहद शर्मनाक बताया। कहा कि इसकी पूरी निष्पक्षता और सख्ती से जांच की जाएगी।

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ धोखाधड़ी करार दिया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को उगाही का जरिया बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित महसूस कर रहा है।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने के बजाय भाजपा को बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने पर ध्यान देना चाहिए था।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)