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भारत की 'सर्वावैक' वैक्सीन को WHO की मंजूरी, किस बीमारी के इलाज में कारगर? 

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:17 PM (IST)

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित भारत की पहली स्वदेशी एचपीवी वैक्सीन सर्वावैक को विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्री-क्वालिफिकेशन मिल गया है।

सर्वावैक भारत की पहली स्वदेशी एचपीवी वैक्सीन है

सर्वावैक भारत की पहली स्वदेशी एचपीवी वैक्सीन है

HighLights

  1. सर्वावैक भारत की पहली स्वदेशी एचपीवी वैक्सीन है

  2. डब्ल्यूएचओ से प्री-क्वालिफिकेशन मिलने से वैश्विक खरीद संभव

  3. सर्वाइकल, वल्वर, वेजाइनल और एनल कैंसर से बचाव करती है

डिजिटल डेस्क, पुणे। सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की ओर से बनाई गई भारत की पहली स्वदेशी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन सर्वावैक को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से प्री-क्वालिफिकेशन मिल गया है।

यह वैक्सीन सर्वाइकल, वल्वर, वेजाइनल और एनल कैंसर से बचाव करती है। इसका इस्तेमाल जननांगों के मस्सों की रोकथाम के लिए भी किया जाता है।

डब्ल्यूएचओ की प्री-क्वालिफाइड वैक्सीन की लिस्ट में शामिल होने से संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां अब वैश्विक स्तर पर बांटने के लिए सर्वावैक को खरीद सकेंगी।

यह रिकाम्बिनेंट क्वाड्रिवैलेंट एचपीवी वैक्सीन एचपीवी स्ट्रेन छह, 11, 16 और 18 पर असर करती है और इसे नौ से 26 साल की उम्र के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

भारत में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया से इस्तेमाल की मंजूरी पाने वाली सर्वावैक वैक्सीन एचपीवी के चार प्रकारों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए दी जाती है।

सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि यह वैक्सीन की असरदार क्षमता को दिखाता है और देशों को एचपीवी से जुड़े जोखिमों को रोकने का मौका देता है। उन्होंने टीकाकरण कवरेज बढ़ाने और वैश्विक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने में योगदान देने को लेकर उत्साह भी जाहिर किया।

(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)