style="text-align: justify;">मुंबई, जेएनएन। महात्मा गांधी ने अन्याय के खिलाफ अहिंसक मार्ग से लड़ाई लडऩे के लिए अनशन जैसा साधन आम देशवासी को दिया था। लेकिन वर्तमान समय में राजनीतिक दलों के लोग इस साधन का इस्तेमाल एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए करने लगे हैं। इससे अनशन जैसे अहिंसक साधन का मजाक उड़ाया जा रहा है। वरिष्ठ समाजसेवक अन्नाहजारे ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित गांव रालेगण सिद्धि में अनशन पर यह विचार व्यक्त किया।

अन्ना ने कहा कि अनशन के लिए अनशनकारियों का उद्देश्य शुद्ध होना जरूरी है। यह सत्याग्रह का मार्ग है और इसके लिए नैतिकता की ताकत का भी होना जरूरी है। इससे पहले दलितों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अनशन किया था और अब उनको शह देने के लिए भाजपा अनशन कर रही है। इस तरह का अनशन गांधी के विचारों के अनुरूप नहीं है।

Posted By: Babita