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उद्धव ठाकरे ने नागपुर के राममंदिर में किया राम रक्षा स्तोत्र का पाठ, भाजपा और संघ पर साधा निशाना

Published: Sat, 18 Jul 2026 10:06 PM (IST)

उद्धव ठाकरे ने नागपुर के राम मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र का पाठ कर भाजपा, मुख्यमंत्री फडणवीस और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला।

उद्धव ठाकरे ने भाजपा और संघ पर साधा निशाना। (फाइल)

उद्धव ठाकरे ने भाजपा और संघ पर साधा निशाना। (फाइल)

HighLights

  1. उद्धव ठाकरे ने नागपुर के राम मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया।

  2. भाजपा, संघ पर हिंदुत्व, राम मंदिर चंदे पर उद्धव का वार।

  3. शिवसेना ने 'रामरक्षा' मुहिम से हिंदुओं को जगाने का आह्वान किया।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ नागपुर के राम नगर स्थित ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर पहुंचकर आज उद्धव ठाकरे ने राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

पूजा-अर्चना और महाआरती के बाद मंदिर परिसर के बाहर जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला।

ठाकरे ने अपने संबोधन में भाजपा के हिंदुत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित घोटालों और चंदे की हेराफेरी के आरोपों का जिक्र करते हुए भाजपा को आड़े हाथों लिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ने राज्य में 'रामरक्षा' (राम की सुरक्षा) मुहिम इसलिए शुरू की है ताकि हिंदुओं को अंधभक्ति से जगाया जा सके।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज प्रभु श्री राम के नाम पर राजनीति करने वाले खुद को हिंदुत्व का ठेकेदार समझते हैं, लेकिन असल में वे केवल सत्ता के भूखे हैं। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इस कार्यक्रम के लिए संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी विशेष निमंत्रण भेजा था।

हालांकि, उनके शामिल न होने पर ठाकरे ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा। ठाकरे ने कहा कि जब राम मंदिर के चंदे में कथित लूट हो रही थी, तब संघ ने केवल 'खेद' जताया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि नागपुर हिंदुत्व की राजधानी माना जाता है, लेकिन यहां की सत्ता पर बैठे लोग केवल विपक्ष को तोड़ने की साजिशों में व्यस्त हैं। उद्धव ठाकरे ने नागपुर में अपने राम रक्षा आंदोलन के लिए जिस राम मंदिर का चुनाव किया, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उसके आजीवन ट्रस्टी हैं।

इस 'रामरक्षा आंदोलन' के दौरान उद्धव ठाकरे के साथ उनके पुत्र व विधायक आदित्य ठाकरे, सांसद संजय राउत, सांसद अनिल देसाई, विनायक राउत, विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे और युवा सेना के वरुण सरदेसाई सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और भारी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे।

उद्धव ठाकरे के इस दौरे पर भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा नेताओं ने उद्धव ठाकरे के पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करने के आरोप में जनप्रतिनिधियों पर राजद्रोह लगाकर 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया था।

भाजपा ने तंज कसा कि जब पार्टी बर्बाद हो चुकी है, सारे विधायक और सांसद छोड़कर चले गए हैं, तब जाकर उद्धव ठाकरे को अपनी राजनीतिक रक्षा के लिए प्रभु राम और रामरक्षा स्तोत्र की याद आई है। बता दें कि उद्धव ठाकरे के शासनकाल में ही अमरावती की सांसद नवनीत राणा को उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने के कारण जेल भेज दिया गया था।

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