मुंबई, राज्य ब्यूरो। Uddhav Thackeray. दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की करारी हार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एवं राकांपा अध्यक्ष शरद पार को भी भाजपा पर टिप्पणी करने का मौका दे दिया है। कभी भाजपा के सहयोगी रहे उद्धव ने अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की जनता को बधाई दी है, तो शरद पवार ने कहा है कि अब भाजपा की हार का सिलसिला रुकने वाला नहीं है।

महाराष्ट्र के पिछले विधानसभा चुनाव तक भाजपा के साथ रहे उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दिल्ली में भाजपा की हार पर उसकी खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि खुद को देशप्रेमी एवं अपने विरोधियों को देशद्रोही समझने वालों के मन का भ्रम आज दिल्लीवालों ने तोड़ दिया है। उद्धव ने प्रधानमंत्री द्वारा रेडियो पर ‘मन की बात’ करने का भी मजाक उड़ाते हुए कहा कि अब ‘मन की बात’ नहीं, देश में ‘जन की बात’ चलेगी। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत ने अरविंद केजरीवाल की ‘जन की बात’ लोगों को दिखा दी है। उद्धव के अनुसार, केंद्र में तथाकथित राष्ट्रीय विचारों की सरकार होने, एवं अपनी पूरी ताकत लगाने के बावजूद भाजपा झाड़ू के सामने घिसटती नजर आई। आप को 62 सीटें मिलीं और भाजपा आठ पर सिमट गई है।

इसी प्रकार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने भी भाजपा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली एक अलग तरह का शहर है। वहां देश के सभी हिस्सों के लोग रहते हैं। इसलिए दिल्ली के चुनाव परिणामों का असर पूरे देश में होगा, और भाजपा की हार का सिलसिला अब थमेगा नहीं। शरद पवार ने बाकायद प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर दिल्ली के चुनाव परिणामों का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के परिणामों का अनुमान उन्हें दिल्ली में रहते हुए ही हो गया था। वहां मेरे निवास पर रहनेवाले मेरे कर्मचारी एवं करोलबाग में रहनेवाले मराठीभाषियों से मैंने बात की थी। सभी लोग केजरीवाल का नाम ले रहे थे। उन सबका मत था कि पिछली बार भाजपा को वोट देकर फंस गए हैं।

जबकि केजरीवाल उनकी दैनंदिन की समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए दिल्ली के परिणामों पर हमें कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है। मुझे इसका अनुमान पहले से था। पवार का कहना है कि केंद्र के सत्ताधारियों में अहंकार आ गया था। संसद सदस्यों में भी केंद्र के सत्ताधारियों की दहशत नजर आती है। इस दहशत से सभी परेशान थे। भाजपा ने लोगों में धार्मिक भावना भड़काने का काम किया। लेकिन उसका कोई फायदा हुआ नहीं दिखता। दिल्ली के परिणाम शुरुआत नहीं है।

राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड से ये प्रक्रिया चलती आ रही है। ये सिलसिला अब थमेगा नहीं। बस स्थिर एवं विकास करनेवाली सरकार देना भाजपा विरोधियों की जिम्मेदारी है। कांग्रेस की हार पर बोलते हुए पवार ने कहा कि उनका अनुभव है कि लोग अपना वोट खराब नहीं करना चाहते। वे जानते हैं कि किसे वोट देने से किसकी हार होगी। उसके अनुसार ही वे मतदान करते हैं। दिल्ली में लोगों ने भाजपा को हराने की ठानी थी। इसलिए कांग्रेस के बजाय आम आदमी पार्टी को वोट दिया। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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