मुंबई, प्रेट्र। पंजाब एवं महाराष्ट्र को ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सोमवार रात दो ऑडिटरों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इन्हें मिलाकर अब तक इस मामले में सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। बैंक के शीर्ष प्रबंधन और एचडीआइएल के प्रमोटरों समेत पांच लोग पहले गिरफ्तार किए गए थे।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घोटाले के वक्त दोनों ऑडिटर जयेश संघानी और केतन लकड़ावाला ऑडिटरों के तौर पर काम कर रहे थे और उन्होंने अनियमितताओं को छिपाने में बैंक के कुछ शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम भूमिका अदा की थी। अशोक जयेश एंड एसोसिएट्स के जयेश संघानी और लकड़ावाला एंड कंपनी के केतन लकड़ावाला को पुलिस ने पहले पूछताछ के लिए भी बुलाया था, लेकिन ऑडिटर के रूप में अपनी भूमिका के बारे में वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे।बता दें कि पीएमसी बैंक में फाइनेंशियल फ्रॉड लगभग एक दशक से चल रहा था।

जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि जॉय थॉमस की अगुआई में बैंक मैनेजमेंट ने कंस्ट्रक्शन कंपनी एचडीआइएल को फंड दिलाने के लिए हजारों डमी अकाउंट खोले हुए थे। यह खेल करीब 10 साल से चल रहा था। रेग्युलेटर को शुरुआत में पता चला कि थॉमस और मैनेजमेंट के कुछ लोगों ने मिलकर 4,226 करोड़ रुपये (बैंक के कुल कर्ज का 73 फीसद हिस्सा) सिर्फ एक ही कंपनी एचडीआइल को दिए थे जो अब दिवालिया हो गई है।

उधर, पीएमसी बैंक के करीब 400 खाता धारकों ने सोमवार को मुंबई पुलिस आयुक्त संजय बर्वे से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। दो घंटे तक चली इस मुलाकात के दौरान पुलिस आयुक्त ने पीडि़त खाता धारकों की समस्याओं को रिजर्व बैंक तक पहुंचाने और दोषियों को बख्शे नहीं जाने का आश्वासन दिया।

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Posted By: Babita kashyap

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