श्रम विभाग ने शुरू की नासिक TCS मामले की जांच, कर्मचारियों पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप
श्रम विभाग ने नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न के आरोपों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी ...और पढ़ें

श्रम विभाग ने शुरू की नासिक TCS मामले की जांच। (फाइल)
HighLights
श्रम विभाग ने नासिक टीसीएस उत्पीड़न मामले की जांच शुरू की।
महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच जारी।
नासिक आईटी हब में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे।
राज्य ब्यूरो मुंबई। देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक कार्यालय में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए श्रम विभाग ने आधिकारिक तौर पर जांच शुरू कर दी है।
नासिक जिले के कामगार उपायुक्त विकास माली के अनुसार इस घटना ने तेजी से विकसित हो रहे नासिक के आईटी हब में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल के वातावरण पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
बता दें कि आईटी सेक्टर में काम करनेवाले कर्मचारियों के संगठन ने इस मामले में सीधा हस्तक्षेप करते हुए इसकी शिकायत केंद्रीय श्रम मंत्रालय से की है। संगठन ने मांग की है कि कंपनी में यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून के क्रियान्वयन का ऑडिट किया जाना चाहिए।
बता दें कि नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठों पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था। हालांकि कंपनी ने अपनी आंतरिक जांच समिति के जरिए प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इस जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर संदेह व्यक्त किया है।
उनका आरोप है कि आंतरिक जांच में पीड़िता पर दबाव बनाया जा सकता है। श्रमिक संगठन सीटू ने भी इस मामले में श्रम मंत्री और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि आईटी कंपनियों को केवल अपने मुनाफे पर ध्यान नहीं देना चाहिए। कर्मचारियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। सीटू ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
