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केतन हत्याकांड मामले में सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट

Published: Thu, 02 Jul 2026 08:39 PM (IST)

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी मंगेतर सिया गोयल लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए राजी हो गई हैं।

सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट (जागरण)

सिया गोयल का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट (जागरण)

HighLights

  1. केतन हत्याकांड में सिया गोयल लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए राजी।

  2. आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने से पहले की थी रिहर्सल।

  3. पुलिस ने सिया के कपड़े और घटना में प्रयुक्त स्कूटर जब्त किया।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। केतन हत्याकांड मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है। पुणे के रियल एस्टेट बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में उसकी की मंगेतर सिया गोयल पर आरोप लगे हैं।

इस मामले में अब खबर सामने आई है कि सिया गोयल का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाएगा, जिसके लिए सिया भी राजी हो गई है।

सिया गोयल का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

सिया गोयल ने अपने मंगेतर और रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है। ऐसे टेस्ट के लिए आरोपी की सहमति कानूनी तौर पर जरूरी होती है।

गोयल के वकील विपुल डुसिंग ने बताया कि 20 साल की गोयल ने गुरुवार को लोनावाला ग्रामीण पुलिस को अपनी सहमति दे दी। पुणे पुलिस ने सिया गोयल और 22 साल के चेतन चौधरी, दोनों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की इजाजत के लिए कोर्ट में अर्जी भी दी है।

सिया और चेतन ने की थी रिहर्सल

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपित सिया एवं सहआरोपित चेतन चौधरी ने केतन को लोहागढ़ किले की चट्टान से ढकेलने से पहले बाकायदा इसका अभ्यास भी किया था।

यह अभ्यास पुणे की एक पहाड़ी पर जाकर किया गया था। मामले की जांच कर रही ग्रामीण पुलिस ने आरोपितों के बयान से यह जानकारी मिलने के बाद उस स्थान पर जाकर वहां का निरीक्षण किया और सिया के घर जाकर घटना के दिन पहने गए उसके वस्त्र बरामद कर उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेज दिया है।

पुणे ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को मुख्य आरोपित सिया गोयल द्वारा घटना वाले दिन पहने गए कपड़ों को बरामद करने के लिए उसे लेकर उसके घर गई।

अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए कपड़ों का फोरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें कोई ऐसा सबूत है जो कथित हत्या से संबंधित घटनाक्रम को स्थापित करने में मदद कर सकता है।

जांच के दौरान सिया और चेतन ने पुलिस को यह भी बताया है कि लोहागढ़ किले में केतन की हत्या को अंजाम देने से पहले पूर्वाभ्यास भी किया गया था। यह पूर्वाभ्यास पुणे के छावनी क्षेत्र के निकट स्थित लुल्लानगर की पहाड़ी पर किया गया था। पुलिस ने गुरुवार को लुल्लानगर इलाके की उस पहाड़ी पर जाकर सीन का रीक्रिएशन किया।

जांचकर्ताओं का मानना है कि सिया और चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को चट्टान से धक्का देने की योजना का पूर्वाभ्यास करने और अपराध को अंजाम देने से पहले इसके परिणामों का आकलन करने के लिए इस स्थान का इस्तेमाल किया था

अधिकारियों ने घटनास्थल की गहन जांच की और अपने निष्कर्षों को दर्ज करते हुए एक पंचनामा तैयार किया, जिसके अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों का हिस्सा बनने की उम्मीद है। जांचकर्ता दोनों आरोपितों पर पॉलीग्राफ (झूठ पकड़ने वाली मशीन) परीक्षण कराने के लिए अदालत से अनुमति मांग रहे हैं।

पुलिस का मानना है कि परीक्षण से उनके बयानों की पुष्टि करने और मामले के कई पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है, जिनकी अभी भी जांच चल रही है।

अधिकारी जांच को मजबूत करने के लिए अब तक जुटाए गए सबूतों के साथ परीक्षण के परिणामों की तुलना करने का प्रयास कर रहे हैं।

हत्या से पहले केतन को मारने के खोजे थे ऑनलाइन तरीके

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने घटना से पहले अग्रवाल की हत्या के तरीके ऑनलाइन खोजे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया और चौधरी ने कथित हत्या से पहले लोहागढ़ किले का दौरा किया था ताकि वे उस स्थान से परिचित हो सकें और अपनी योजना का अभ्यास कर सकें।

जांचकर्ताओं का यह भी मानना है कि दोनों ने अपराध के बाद पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर दिए जाने वाले जवाबों पर भी आपस में चर्चा और तैयारी की थी।

पुलिस ने बताया कि चौधरी ने टोल रिकॉर्ड से बचने और सीसीटीवी कैमरों में कैद होने की संभावना को कम करने के लिए कार के बजाय स्कूटर से लोहागढ़ किले की यात्रा की। घटना में इस्तेमाल किया गया स्कूटर जब्त कर लिया गया है।

किले में ट्रेकिंग करते समय उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी पहनी थी। लेकिन गर्म मौसम में कपड़ों का यह असामान्य चुनाव अंततः ध्यान आकर्षित करने का कारण बना और जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

पुलिस के मुताबिक, सिया और चौधरी ने कथित तौर पर घटना से कई सप्ताह पहले, यानी मई के अंत तक, हत्या की योजना को अंतिम रूप दे दिया था। मामले की जांच अभी जारी है।

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