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मुंबई लोकल के पश्चिम रेलवे में 15 डिब्बों वाली छह नई ट्रेनों की शुरूआत, मध्य रेलवे अभाव में फंसा

सबसे पहले अंधेरी और विरार के बीच धीमे गलियारे पर 14 स्टेशनों पर 27 प्लेटफार्मों का विस्तार किया गया। इस पर करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से 15-कार वाली ट्रेनों को चलाना शुरू किया गया। ( जागरण- फोटो)

By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh RajputPublished: Wed, 29 Mar 2023 11:39 PM (IST)Updated: Wed, 29 Mar 2023 11:39 PM (IST)
पश्चिम रेलवे ने संगठित तरीके से 15 डिब्बों वाली ट्रेनें शुरू करने की योजना बनाई और इसे लागू किया।

मुंबई, मिड डे (राजेंद्र बी. अकलेकर)। मुंबई में लोकल ट्रेन संचालन में रेलवे की अगर दो डिविजनों की तुलना की जाए तो ऐसा लगता है कि एक तरफ पश्चिम रेलवे मुंबई जहां यात्री परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए नए-नए कदम उठा रही है, वहीं मध्य रेलवे शायद जटिल नेटवर्क और दूरदर्शिता के अभाव में फंस गई है। पश्चिम रेलवे मुंबई में इस सप्ताह से 15 डिब्बों वाली छह नई लोकल ट्रेनें शुरू कर रही है। नई सेवाएं शामिल करने से पश्चिमी रेलवे के पास 15 डिब्बों वाली 150 सेवाएं हो जाएंगी जबकि मध्य रेलवे में ऐसी सिर्फ 22 सेवाएं हैं।

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ट्रेन की लंबाई बढ़ने से 25% बढ़ेगी यात्री क्षमता

डब्ल्यूआर मुंबई के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने बताया कि ट्रेनों की लंबाई बढ़ाए जाने से प्रत्येक ट्रेन में 25 प्रतिशत अधिक यात्री सफर कर सकेंगे। साथ ही, पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय खंड में 15 डिब्बों वाली सेवाओं की कुल संख्या 144 से बढ़कर 150 हो जाएगी।

बता दें पश्चिम रेलवे ने संगठित तरीके से 15 डिब्बों वाली ट्रेनें शुरू करने की योजना बनाई और इसे लागू किया। सबसे पहले अंधेरी और विरार के बीच धीमे गलियारे पर 14 स्टेशनों पर 27 प्लेटफार्मों का विस्तार किया गया। इस पर करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से 15 डिब्बों वाली ट्रेनों को चलाना शुरू किया गया।

मध्य रेलवे में जटिल सिस्टम, कॉरिडॉर विस्तार को प्राथमिकता

अब यात्री रेलवे की इन दोनों डिविजनों के कामकाज के बीच तुलना कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि मध्य रेलवे के लिए यह जरूरी है कि यह लीक से हटकर सोचे और नए कॉरिडोर बनने तक मौजूदा कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाए। इसके लिए चाहे सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाए या मौजूदा ट्रेनों की लंबाई बढ़ाई जाए। वहीं मध्य रेलवे का कहना है कि सभी क्षेत्रों के लिए एक ही समाधान संभव नहीं होता है।

सीआर एक बेहद जटिल प्रणाली है और इसमें किसी भी तरह के बदलाव से यह बिल्कुल ठप पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि पहले नए कॉरिडोर बनाए जाएं, फिर यहां लंबी ट्रेने चलाने के बजाय अधिक संख्या में मानक ट्रेनें चलाना उचित होगा। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार का कहना है कि मध्य रेलवे मुंबई में 15 डिब्बों वाली ट्रेनों की 22 सेवाएं हैं।


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