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'जैसे महमूद गजनवी ने लूटा था', राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर शिवसेना यूबीटी ने भाजपा को घेरा

Published: Mon, 22 Jun 2026 02:00 PM (IST)

शिवसेना (यूबीटी) ने राम मंदिर चंदा विवाद पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है, मुखपत्र 'सामना' में भाजपा को 'राम मंदिर लुटेरों' का नाम दिया।

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर राजनीति गरमा गई है। इसकी चर्चा अब महाराष्ट्र तक पहुंच गई है। सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) ने इस मामले पर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' में भाजपा को 'राम मंदिर लुटेरों' का नाम दिया है।

शिवसेना यूबीटी ने संपादकीय में लिखा कि कारसेवकों ने राम मंदिर के निर्माण के लिए खून बहाया और बलिदान दिया, लेकिन सत्ता में बैठी भाजपा ने उसी मंदिर को लूट लिया।

संपादकीय में कहा गया, 'देश ने अब देख लिया है कि 'मंदिर विकास' का असल मतलब क्या है? अयोध्या के राम मंदिर के दान-पात्रों की लूट।' पार्टी ने दावा किया कि दान-पात्रों से नकदी, सोना, चांदी और गहनों की चोरी कानून-व्यवस्था की विफलता है।

महमूद गजनवी से तुलना

संपादकीय में भाजपा की तुलना मध्यकालीन आक्रमणकारी महमूद गजनवी से की गई, जिसने सोमनाथ मंदिर को लूटा था। शिवसेना यूबीटी ने आरोप लगाया कि पिछले दशक में कई बड़े मंदिर लूटे गए और ये लुटेरे भाजपा के भीतर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गोद में बैठे नजर आते हैं।

पार्टी ने अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे उद्धव ठाकरे पर उंगली उठाते हैं, जबकि खुद राम मंदिर के लुटेरे और लोकतंत्र के हत्यारे हैं।

यह हमला कोल्हापुर में अमित शाह की हालिया जनसभा के कुछ दिनों बाद आया है, जहां उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना बताया और अंबाबाई मंदिर विकास की बात की थी। शिवसेना यूबीटी ने पूछा कि राम मंदिर की सुरक्षा तक नहीं कर पा रहे, फिर अंबाबाई मंदिर विकास की हिम्मत कैसे जुटाते हैं?

विपक्ष ने उठाया सवाल

इस विवाद पर विपक्षी दलों ने भाजपा की कड़ी आलोचना की है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहले ही सवाल उठाया था कि चोरी के आरोपों के बावजूद FIR तक दर्ज नहीं की गई।

इस बीच, यूपी की योगी सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।

SIT में लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, IG किरण एस और वित्त विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी नील रतन शामिल हैं। पैनल को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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