यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शरद पवार की राकांपा टूटी, भतीजे अजीत ने पार्टी और चुनाव चिह्न पर भी किया दावा; बोले- इसी पर लड़ेंगे इलेक्शन
NCP Split महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर भवनकुल ने दावा किया कि राकांपा के 40 विधायकों ने सरकार का समर्थन किया ...और पढ़ें

ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई। महाराष्ट्र में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार रविवार को अपने आठ साथियों के साथ प्रदेश की वर्षभर पुरानी शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल हो गए। अजित को सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।
अजित पवार का दावा है कि पार्टी के सभी विधायक उनके साथ हैं और वह पार्टी व उसके चुनाव चिह्न के साथ सरकार में शामिल हुए हैं एवं भविष्य के सभी चुनाव राकांपा के नाम व चिह्न पर लड़ेंगे। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है 53 में से 36 विधायक ही अजित पवार के साथ हैं।
उनके चाचा राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने स्वीकार किया कि अजित पवार ने उनका 24 वर्ष पुरानी पार्टी तोड़ दी है। शरद पवार के अनुसार, ऐसी चीजें (विद्रोह) हमारे लिए नई नहीं हैं। हमारी मुख्य ताकत आम लोग हैं। हमें उन्हीं ने चुनकर भेजा है। हम उन्हीं के पास जाएंगे।
अजित पवार के भाजपा में शामिल होने या राकांपा को तोड़कर शिंदे-भाजपा सरकार के साथ जाने की संभावनाएं कई माह से व्यक्त की जा रही थीं। रविवार सुबह से दक्षिण मुंबई के मलाबार हिल्स स्थित सत्ता केंद्र पर हलचल बढ़ गई थी।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सरकारी आवास 'वर्षा' पर उनके गुट के विधायकों की बैठक हो रही थी। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी बंगले 'सागर' पर भाजपा विधायकों की बैठक चल रही थी और अजित पवार के सरकारी बंगले 'देवगिरि' पर राकांपा विधायकों की बैठक बुलाई गई थी।
बैठक से जल्दी चली गई थीं सुप्रिया
अजित के बंगले पर हुई बैठक में पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं, लेकिन वह बैठक से जल्दी चली गई थीं। शरद पवार पुणे में थे और उनका कहना था कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं थी।
माना जा रहा था कि अजित पवार कुछ दिन पहले दिए गए अपने एक बयान पर चर्चा के लिए अपने पार्टी विधायकों से मिल रहे हैं। जिसमें उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़कर संगठन में काम करने की इच्छा जताई थी। अचानक डेढ़ बजे के आसपास अजित पवार अपने बंगले से निकलकर सीधे कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित राजभवन के लिए रवाना हो गए।
उनके साथ राकांपा के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल एवं हाल ही में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए प्रफुल पटेल भी थे। उनके ठीक पीछे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी राजभवन पहुंच गए। एक घंटे के अंदर ही राज्यपाल रमेश बैस ने अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद और उनके आठ सहयोगियों को मंत्री पद की शपथ दिला दी।
इस मौके पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नर्वेकर ने बताया कि अजित पवार ने नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया है। शपथ ग्रहण समारोह में राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल और विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल भी मौजूद थे।
NCP के कितने विधायकों ने किया सरकार का समर्थन?
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर भवनकुल ने दावा किया कि राकांपा के 40 विधायकों ने सरकार का समर्थन किया है। अजित पवार ने साढ़े तीन वर्ष के अंदर तीसरी बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व में देश आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के बाहर भी प्रधानमंत्री के नेतृत्त्व में देश को सम्मान मिल रहा है, जबकि एक होने की कोशिश कर रहे विरोधी दलों को अपने-अपने राज्य से आगे कुछ दिखाई नहीं देता। देश के बारे में सोचकर कोई विरोधी दल कोई काम कर रहा हो, ऐसा दिखाई नहीं देता। इसलिए हमने और हमारे साथियों ने देश और राज्य के हित की बात सोचते हुए महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा कि अगर हम शिवसेना के साथ जा सकते हैं तो हम भाजपा के साथ भी जा सकते हैं। ऐसा ही नगालैंड में भी हुआ था। अजित पवार ने कहा कि मंत्रियों के विभागों की घोषणा एक-दो दिन में कर दी जाएगी और वे तुरंत काम करना शुरू कर देंगे।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सरकार में शामिल होने के फैसले का समर्थन किया है, लेकिन शरद पवार ने कहा कि भाजपा-शिवसेना के साथ जाने का फैसला पार्टी का नहीं है। पार्टी का नेतृत्व राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा,
मुझे इस बात की चिंता नहीं है लोग छोड़कर चले गए हैं, लेकिन मुझे उनके भविष्य की चिंता है।
मोदी के साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव
अजित पवार के साथ मंत्री पद की शपथ लेने वाले वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि स्वयं शरद पवार मान चुके हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ही चुनाव जीतने वाले हैं और सरकार में वापसी करेंगे।
अजित पवार ने यह कहते हुए भविष्य की रणनीति भी स्पष्ट कर दी कि वह लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव भी नरेन्द्र मोदी के साथ ही मिलकर लड़ेंगे, क्योंकि देश और मजबूत होना चाहिए। प्रदेश की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए भी अगले वर्ष चुनाव होने हैं।
अब ट्रिपल इंजन सरकार: शिंदे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अजित पवार ने शिवसेना एवं भाजपा की पहले से चल रही सरकार में शामिल होने का निर्णय किया है। हम उनका स्वागत करते हैं। वह राज्य के कई बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। हमें उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। राज्य में अब तक डबल इंजन की सरकार चल रही थी। अब अजित पवार के साथ आ जाने से यह ट्रिपल इंजन की सरकार हो गई है। अब यह बुलेट ट्रेन की रफ्तार से आगे बढ़ेगी।
ट्रिपल इंजन में से एक इंजन फेल होने वाला है: राउत
शिवसेना-यूटीबी के नेता संजय राउत ने इस घटनाक्रम पर कहा, 'यह एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री पद खोने की शुरुआत है। उनके विधायक सदन की सदस्यता के अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे। इसके बाद भी सत्ता में बने रहने के लिए अजित पवार और राकांपा विधायक सरकार में शामिल हो गए हैं।'
उन्होंने कहा,
राकांपा का सरकार में शामिल होना और पार्टी में बगावत कोई राजनीतिक भूकंप नहीं है। इसे घटनाक्रम को ट्रिपल इंजन (सरकार को आकार देने) के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए...दो इंजनों में से एक विफल होने वाला है।
यह पूछे जाने पर कि क्या शरद पवार को इस घटनाक्रम की जानकारी थी, राउत ने कहा, 'उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी थी।'
फिर काम में जुटी भाजपा की वाशिंग मशीन: कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ताजा घटनाक्रम पर कहा,
जाहिर है भाजपा की वा¨शग मशीन ने अपना काम फिर से शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुए कई नए सदस्य भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं और ईडी, सीबीआइ व आयकर विभाग के अधिकारी उनके पीछे लगे हैं। अब इन सभी को क्लीनचिट मिल गई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र को भाजपा की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए अपने प्रयास तेज करेगी।
इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
अजित पवार, छगन भुजबल, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुशरिफ, धनंजय मुंडे, अदिति तटकरे, धरमराव अतराम, अनिल पाटिल, संजय भनसोडे ने मंत्री पद की शपथ ली।
