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सचिन वाझे को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा झटका, बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद की जमानत

Published: Thu, 05 Nov 2026 10:27 PM (IST)

मुंबई उच्च न्यायालय ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास अंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या ...और पढ़ें

उच्चन्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की जमानत रद की

उच्चन्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की जमानत रद की 

HighLights

  1. उच्च न्यायालय ने सचिन वाझे की जमानत रद्द की।

  2. एनआईए की अपील स्वीकार कर विशेष अदालत का आदेश निरस्त।

  3. वाझे अब ठाणे सेंट्रल जेल में ही रहेंगे।

राज्य ब्यूरो, मुंबई। उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास अंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी एसयूवी खड़ी करने और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी सचिन वाझे को एनआईए कोर्ट से मिली जमानत मुंबई उच्चन्यायालय ने रद कर दी है।

न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंडपीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की अपील स्वीकार करते हुए विशेष अदालत के 29 सितंबर के जमानत आदेश को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद वाझे की जेल से बाहर आने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। वह ठाणे सेंट्रल जेल में ही बंद रहेगा।

विशेष एनआइए अदालत ने करीब साढ़े पांच साल से जेल में बंद वाझे को 29 सितंबर को जमानत दे दी थी। विशेष अदालत ने अपने आदेश में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी गतिविधि का मामला प्रथम दृष्टया साबित नहीं होने और लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने सहित कई पहलुओं पर विचार किया था।

अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर रिहाई का आदेश दिया था। हालांकि, मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में प्रवेश पर रोक सहित कुछ शर्तें भी लगाई गई थीं। विशेष अदालत के इस फैसले को एनआइए ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

जांच एजेंसी का तर्क था कि विशेष अदालत ने आरोपपत्र में दर्ज तथ्यों और साक्ष्यों का समुचित आकलन किए बिना जमानत दे दी। एनआइए ने मामले को महज एक परिवार को डराने की कोशिश मानने पर भी आपत्ति जताई थी। एजेंसी के अनुसार, अंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी गाड़ी खड़ी करने और मनसुख हिरेन की हत्या के बीच गहरा आपराधिक संबंध था।

हाई कोर्ट ने एनआइए की अपील पर सुनवाई के दौरान विशेष अदालत के जमानत आदेश पर पहले ही अंतरिम रोक लगा दी थी। 16 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। वाझे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने लंबी न्यायिक हिरासत और सहआरोपितों को मिली जमानत का हवाला देते हुए राहत देने की मांग की थी।

बचाव पक्ष का तर्क था कि विस्फोटक रखने की कथित घटना को यूएपीए के तहत आतंकवादी कृत्य नहीं माना जा सकता। बता दें कि 25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में मुकेश अंबानी के आवास अंटीलिया के बाहर एक लावारिस महिंद्रा स्कार्पियो मिली थी। उसमें जिलेटिन की 20 छड़ें और धमकी भरा पत्र बरामद हुआ था।

यह वाहन ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन का था, जिन्होंने कुछ दिन पहले उसके चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पांच मार्च 2021 को हिरेन का शव ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। मामले की जांच बाद में एनआइए को सौंप दी गई थी। एजेंसी ने वाझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया था।

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