नागपुर, एएनआइ। नागपुर में ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि वह गुजरात से यहां माल पहुंचाने आये थे लेकिन कोरोना के कहर के कारण वापस नहीं जा पा रहे और 19 मार्च से यहीं फंसे हुए हैं। हर चीज की कीमत बढ़ गई है। हम 'खिचड़ी' और 'नमक-रोटी' खाकर अपना पेट भर रहे हैं। 

मास्‍क की कालाबाजारी

कोरोना वायरस के कारण मास्‍क की बढ़ती मांग को देखते हुए मास्‍क की कालाबाजारी रुकने  का नाम नहींं ले रही  है। पुणे क्राइम ब्रांच ने वीरवार को नरपतगिरी चौक पर एक गोदाम पर छापा मारकर मास्‍‍क की कालाबाजारी के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। 

 नागपुर के एक फार्मासिस्ट का कहना है कि "हमारे लिए यह संभव नहीं है कि हम 13-14 रुपये में मास्क खरीदें और इसे 10 रुपये में बेचें। मांग अधिक होने के कारण बाजार में मास्‍क की कमी हो रही है। इसके लिए कुछ नियम लागू किये जाने चाहिये जिससे कालाबाजारी रोकी जा सके।  

 नागपुर के एक फार्मासिस्ट का कहना है, "सैनिटाइटर बाज़ार में हैं और जो भी सरकार ने दाम तय किये हैं उसे उसमें बेचा जा रहा है लेकिन वितरक 13-14 रुपये के तहत मास्क देने के लिए तैयार नहीं हैं। 

 

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Posted By: Babita kashyap

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