देश का मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से बढ़कर 1200 किमी हुआ, पुणे को मिली 23 किमी लंबी पिंक लाइन की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने पुणे में नई मेट्रो पिंक लाइन का उद्घाटन किया, जिससे देश का मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से ...और पढ़ें
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HighLights
देश का मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से बढ़कर 1200 किमी हुआ।
पुणे मेट्रो पिंक लाइन हिंजेवाड़ी-जिला न्यायालय को जोड़ेगी, यातायात घटाएगी।
महिला कर्मचारी करेंगी संचालन, 30% बिजली सौर ऊर्जा से।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे में नई मेट्रो लाइन का उदघाटन करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश का परिचालन मेट्रो नेटवर्क महज 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर करीब 1200 किलोमीटर हो गया है। पहले देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी, जबकि आज 26 शहरों में मेट्रो दौड़ रही है। प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक लोग मेट्रो से यात्रा कर रहे हैं। भारत अब दुनिया के तीन सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाले देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे का विस्तार विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। 8300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार यह कारिडोर हिंजेवाड़ी के आइटी हब को जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इससे हजारों आइटी पेशेवरों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। निजी वाहनों पर निर्भरता घटने के साथ लोगों के समय और ईंधन की भी बचत होगी। पिंक लाइन की एक खासियत यह भी है कि इसका संचालन महिला कर्मचारी करेंगी।
इसके अलावा इस कारिडोर की बिजली की करीब 30 प्रतिशत जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी। हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर के प्रमुख आइटी केंद्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पुणे के पुराने और नए क्षेत्रों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री ने आज पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की भी आधारशिला रखी। करीब 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस चरण में चार नए कारिडोर- लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए विकसित किए जाएंगे। ये शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और आइटी क्षेत्रों को जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं सहित करीब 21,800 करोड़ रुपये के निवेश वाली विकास योजनाओं की शुरुआत पुणे के शहरी परिवहन ढांचे को व्यापक मजबूती देगी।
मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में मेट्रो का परिचालन नेटवर्क 2014 के 11 किलोमीटर से बढ़कर अब करीब 200 किलोमीटर हो गया है। राज्य में 680 किलोमीटर से अधिक लंबाई की मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मेट्रो बुनियादी ढांचे में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है। इससे श्रमिकों, इंजीनियरों और कारोबारियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र हैं। इसलिए देश के सैकड़ों छोटे शहरों को भी विकास के केंद्र के रूप में तैयार करना होगा। केंद्र सरकार ने इसी उद्देश्य से फरवरी में एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता वाले अर्बन चैलेंज फंड को मंजूरी दी है। उन्होंने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र से मिशन मोड में मिलकर काम करने का आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि पुणे विचारों की धरती है। आइटी, आटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्र में शहर देश को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने करीब एक दशक पहले पुणे मेट्रो के पहले चरण की आधारशिला रखने का स्मरण करते हुए कहा कि बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी शहर की उत्पादकता बढ़ाएगी। उन्होंने पुणे मेट्रो परियोजना में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल को भी विकास की गति बढ़ाने का उदाहरण बताया।
किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के किसानों की खराब मौसम के कारण पैदा हुई मुश्किलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र और एनडीए सरकार संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों की दीपावली भी खुशियों के साथ मने, यह सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मोदी ने कहा कि इस आपदा का मुकाबला सभी मिलकर करेंगे। सामूहिक प्रयास ही विकसित भारत की असली ताकत है।
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