यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Palghar Mob Lynching: पालघर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिए जांच के आदेश, अगली सुनवाई जुलाई में
Palghar lynching case महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की हत्या के मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ...और पढ़ें

मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की हत्या के मामले की जांच सीबाआइ से कराए जाने की मांग को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अन्य को जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा और उचित जांच एजेंसी के माध्यम से मामले की जांच के आदेश दिए। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी। बता दें कि यह याचिका साधुओं के परिजनों और जूना अखाड़ा द्वारा दायर की गई थी। इस याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की जांच पर हमें भरोसा नहीं है, इसलिए इस मामले की सीबीआइ जांच की जाए।
गौरतलब है कि 16 अप्रैल को मुंबई के पालघर में भीड़ द़वारा तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी। इनकी पहचान कांदीवली के सुशील गिरी महाराज, जयेश और नरेश यलगडे के रूप में हुई थी। ये लोग किराये की गाड़ी से सूरत में किसी की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे थे। लॉकडाउन के बावजूद ये तीनों मुंबई के करीब लगभग 120 किमी तक जाने में कामयाब रहे। इस पूरे इलाके में कुछ दिनों से बच्चा चोर गिरोह की अफवाह फैली हुई थी। ग्रामीणों ने इन्हें इसी गिरोह से संबंधित समझा और बिना सोचे समझे हमला करना शुरु कर दिया, बाद में मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने इन्हें बचाया लेकिन अस्पताल में इनकी मौत हो गयी।
पालघर जिले के एक गांव में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ इन पर टूट पड़ी। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया था। पुलिस के मुताबिक इस पूरे इलाके में बच्चा चोर गिरोह की अफवाह फैली हुई थी। लोगों ने इन्हें इसी गिरोह से संबंधित समझा और बिना सोचे समझे हमला करना शुरु कर दिया। पुलिस अधिकारी का कहना था कि हमें घटना की जानकारी मिली हम वहां पहुंचे लेकिन हमलावर ग्रामीणों की संख्या इतनी अधिक थी कि हम पीड़ितों को बचा नहीं सके। हमलावरों ने पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।
