मुंबई, एएनआइ/ मिड डे। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों की हत्या के विरोध में राज्य में तीन सत्तारूढ़ दलों द्वारा बुलाए गए महाराष्ट्र बंद के मद्देनजर यहां कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाओं के बाद बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की बस सेवाएं सोमवार को मुंबई में बंद कर दी गईं। BEST के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि रविवार रात से एमवीए बंद से संबंधित विरोध प्रदर्शनों में आठ बसें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, विक्रोली पर टायर जला प्रदर्शन किया। 

  

महाविकास आघाड़ी का बंद सौ फीसद सफल रहा – संजय राऊत

शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने दावा किया है कि लखीमपुर हिंसा के विरोध में महाविकास आघाड़ी की ओर से बुलाया गया महाराष्ट्र बंद पूरी तरह सफल रहा। जबकि भाजपा ने इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया है।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में पिछले सप्ताह हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में महाराष्ट् की सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी ने सोमवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया था। राज्य को बंद कराने में शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा तीनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।

राज्य में बंद ज्यादातर स्थानों पर शांतिपूर्ण रहा। लेकिन मुंबई में रविवार रात से सुबह तक कुछ स्थानों पर बेस्ट की बसों पर पथराव की घटनाएं हुईं। राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक के अनुसार उन्हें कुछ स्थानों पर पथराव की सूचना मिली है, जोकि ठीक नहीं है। किसी को हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए। मलिका के अनुसार बंद के दौरान महाविकास आघाड़ी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के इस्तीफे की मांग कर रही है। बंद को कम्युनिस्ट पार्टियों सहित कुछ अन्य संगठनों का भी समर्थन हासिल था।

रविवार को महाविकास आघाड़ी की ओर से की गई प्रेस कान्फ्रेंस में दावा किया गया था कि बंद के दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। चूंकि मुंबई में ज्यादातर सरकारी प्रतिष्ठानों में शिवसेना की ही यूनियन है, इसलिए इन यूनियनों के दबाव में ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद रहे। मुंबई में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले एवं मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजभवन तक मार्च निकाला। उक्त दोनों नेताओं ने कुछ देर तक राजभवन के गेट पर धरना भी दिया। हालांकि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आज राजभवन में नहीं थे। मुंबई के व्यवसाइयों के संगठन ने पहले बंद का विरोध किया था। लेकिन बाद में वह बंद का समर्थन करता दिखाई दिया।

Edited By: Babita Kashyap