मुंबई, प्रेट्र। महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि आइपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने फोन टैप की अनुमति लेते समय राज्य सरकार को गुमराह किया था। एक दिन पहले आइपीएस अधिकारी ने बांबे हाई कोर्ट को बताया था कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले वर्ष उन्हें पुलिस तबादले और पोस्टिंग में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने के लिए कुछ फोन नंबरों को इंटरसेप्ट करने की अनुमति दी थी। मंत्री ने कहा कि 1988 बैच की आइपीएस अधिकारी शुक्ला ने फोन टैप की अनुमति लेने का कारण देशद्रोह बताया था। उन्होंने कहा कि सरकार को गुमराह कर अनुमति ली गई थी।

मलिक ने 2014 से 19 के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस की ओर इशारा करते हुए कहा, 'क्या शुक्ला ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से अनुमति ली थी।' मलिक ने कहा कि उन्होंने फोन टैप करने की अनुमति देशद्रोह और राष्ट्रीय हितों के बहाने लिया था, लेकिन भाजपा विरोधियों के फोन टैप किए गए। शुक्ला के वकील महेश जेठमलानी ने अदालत को बताया था कि जिस समय वह राज्य गुप्तचर विभाग की प्रमुख थीं तब उन्हें महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कुछ फोन नंबरों की निगरानी करने का निर्देश दिया था। शुक्ला ने मुंबई पुलिस की साइबर शाखा द्वारा गैरकानूनी फोन टैपिंग और संवेदनशील दस्तावेज लीक करने के आरोप में अपने खिलाफ दायर एफआइआर को चुनौती दी है। हाई कोर्ट उनकी इसी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

 

Edited By: Sachin Kumar Mishra