विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाराष्ट्र कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, पार्टी ने हर्षवर्धन को सौंपी प्रदेश की कमान; पटोले का इस्तीफा मंजूर

Published: Thu, 13 Feb 2025 07:35 PM (IST)Updated: Thu, 13 Feb 2025 08:08 PM (IST)

कांग्रेस ने हर्षवर्धन सपकाल को महाराष्ट्र का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पार्टी की ओर से एक लेटर जारी कर ...और पढ़ें

हर्षवर्धन सपकाल बने महाराष्ट्र कांग्रेस के नए अध्यक्ष। (फाइल फोटो)
हर्षवर्धन सपकाल बने महाराष्ट्र कांग्रेस के नए अध्यक्ष। (फाइल फोटो)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हुई अप्रत्याशित हार के सदमे से पार्टी संगठन को उबारने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने हर्षवर्धन सपकाल को महराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।

हर्षवर्धन को संगठन की बागडोर सौंपने के साथ ही पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि महाराष्ट्र जैसे अहम और बड़े राज्य में सियासी वापसी के लिए कांग्रेस नए चेहरे पर दांव लगाना ज्यादा मुनासिब मान रही है।

कौन हैं हर्षवर्धन सतपाल?

हर्षवर्धन सूबे के सबसे सियासी प्रभावशाली सामाजिक आधार रखने वाले मराठा समुदाय से आते हैं। कांग्रेस के इस कदम से यह भी साफ है कि सूबे में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने के लिए पार्टी मराठा समुदाय को साधने पर विशेष जोर देगी।

विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी गठबंधन की अप्रत्याशित पराजय के तत्काल बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष पद से नाना पटोले ने इस्तीफा दे दिया था। ओबीसी समुदाय से आने वाले पटोले के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया था और 13 सीटें जीत सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। लेकिन विधानसभा चुनाव के निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए नाना ने सूबे में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ कर दिया था।

बनाए गए थे राष्ट्रीय सचिव

हर्षवर्धन सपकाल को अभी कुछ समय पहले ही कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था और वे पार्टी के पंचायती राज विभाग का कामकाज भी संभाल रहे थे।

विदर्भ क्षेत्र के बुलढ़ाणा से विधायक रह चुके हर्षवर्धन लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की टीम से भी करीबी से जुड़े हुए हैं। वैसे उनके राजनीतिक कैरियर के इस मुकाम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महासचिव मुकुल वासनिक की भी खास भूमिका रही है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति में भी वासनिक ने उनका समर्थन किया।

यह भी पढ़ें: Manipur President Rule: मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू, बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र का बड़ा फैसला

यह भी पढ़ें: 'ऐसे तो गुरुद्वारा, चर्च की जमीनें भी...' वक्फ बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट विपक्ष ने की खारिज, क्या लगाए आरोप?