नाना पाटेकर या स्मित मच्छर? किसके नाम पर होगा मुंबई का ईस्ट-वेस्ट विद्याविहार ब्रिज
मुंबई के नवनिर्मित ईस्ट-वेस्ट विद्याविहार पुल के नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसमें एक तरफ नाना पाटेकर का नाम है तो दूसरी तरफ स्मित मच्छर का।

मुंबई में ब्रिज के नाम को लेकर विवाद।
HighLights
विद्याविहार पुल के नामकरण पर मुंबई में नया विवाद।
शिवसेना (यूबीटी) ने नाना पाटेकर के नाम का प्रस्ताव रखा।
बीजेपी विधायक ने कैप्टन स्मित मच्छर का नाम सुझाया।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई के नवनिर्मित ईस्ट-वेस्ट विद्याविहार पुल के खुलने से पहले ही इसके नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने मांग की है कि इस पुल का नाम अभिनेता नाना पाटेकर के नाम पर रखा जाए, जबकि बीजेपी विधायक पराग शाह ने इसका नाम कैप्टन स्मित मच्छर के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है।
हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) ने पुल पर एक बैनर लगाकर मांग की है कि इसका नाम पद्म श्री नाना पाटेकर सेतु रखा जाए। इससे कुछ दिन पहले ही शाह ने अधिकारियों से संपर्क करके इस पुल का नाम कैप्टन मच्छर के नाम पर रखने का अनुरोध किया था। बता दें कि कैप्टन मच्छर एक भारतीय कमर्शियल पायलट हैं, जिन्हें इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हवा में अपहरण (हाइजैकिंग) की कोशिश को नाकाम करने के लिए काफी सराहा गया था।
क्रेडिट लेने को लेकर खड़ा हुआ विवाद
इस हफ्ते की शुरुआत में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े से मुलाकात की और एक पत्र सौंपकर मांग की कि इस पुल का नाम पाटेकर के नाम पर रखा जाए। हालांकि, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में सदन के नेता गणेश खनकर ने शिवसेना (UBT) पर आरोप लगाया कि वे नामकरण के प्रस्ताव का श्रेय लेने के लिए विवाद खड़ा कर रहे हैं।
खांकर ने कहा, "नाना पाटेकर देश के सबसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक थे। मुझे लगता है कि किसी पुल का नाम उनके नाम पर रखने के बजाय, किसी बड़े थिएटर या थिएटर कॉम्प्लेक्स का नाम उनके नाम पर रखना ज्यादा उचित होगा।"
काफी लंबे समय से लंबित था विद्याविहार पुल
काफी समय से लंबित 650 मीटर लंबा और दो लेन वाला यह ईस्ट-वेस्ट पुल विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से में स्थित रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को घाटकोपर में पश्चिमी हिस्से के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है। बीएमसी के अनुसार, इस पुल का 100 मीटर का हिस्सा रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरता है। इसके अप्रोच रोड (पुल तक पहुंचने वाले रास्ते) पूर्वी तरफ 220 मीटर और पश्चिमी तरफ 330 मीटर लंबे हैं।
नागरिक निकाय ने बताया कि इस परियोजना में पुल को स्टेशन के फुटपाथों से जोड़ने वाले रास्ते, टिकट बुकिंग कार्यालयों, स्टेशन मास्टर के कार्यालय और सीढ़ियों का पुनर्निर्माण भी शामिल है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)
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