Move to Jagran APP

Mumbai Rains: मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल-कॉलेज बंद; 50 उड़ानें रद्द और रेल सेवा प्रभावित

Mumbai Rains भारी बारिश से मुंबई में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। उधर सीएम एकनाथ शिंदे ने सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। रेल पटरियों और सड़कों पर पानी भरने से यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बारिश की वजह से 50 उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा है।

By Jagran News Edited By: Ajay Kumar Mon, 08 Jul 2024 11:25 PM (IST)
Mumbai Rains: मुंबई में हुई बारी बारिश।

जेएनएन, नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सोमवार को महज छह घंटे की जोरदार बारिश में पानी-पानी हो गई। मध्य रात्रि एक बजे से लेकर सुबह सात बजे तक ही 300 एमएम (11.8 इंच) पानी बरसा। यह मुंबई की वार्षिक वर्षा का 10 प्रतिशत है। 24 घंटों के दौरान हुई रिकॉर्ड बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई जगह रेल ट्रैक और सड़कें जलमग्न हो गईं।

यह भी पढ़ें: बाढ़ की चपेट में सिक्किम और बंगाल, चीन सीमा के पास से गुजरने वाला NH-10 तबाह; CM ने केंद्र से मांगी मदद

मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद

जोरदार बारिश से न केवल सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ बल्कि विमान सेवाएं भी प्रभावित हुईं। मुंबई एयरपोर्ट पर 50 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं जबकि कई के रूट डायवर्ट किए गए। भारी बारिश के चलते मुंबई समेत आसपास के जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

रेल पटरियों पर भरा पानी

मुंबई में रविवार शाम से ही लगभग सभी क्षेत्रों में तेज बारिश हो रही है। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। रेल पटरियों पर पानी जमा होने के कारण मध्य रेलवे मार्ग पर लोकल ट्रेनों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं, जबकि बाहरी स्टेशनों की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं।

27 उड़ानें की गईं डायवर्ट

सड़कों पर भी जाम के हालात रहे। कई मार्ग पानी भरने की वजह से पूरी तरह बाधित हो गए। मुंबई हवाई अड्डे पर सोमवार को विमान सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। शहर में भारी बारिश के बाद कम दृश्यता के कारण रनवे पर परिचालन एक घंटे से अधिक समय तक बंद रहा और चार दर्जन से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। हवाई अड्डे पर रनवे पर परिचालन सुबह 2:22 बजे से 3:40 बजे तक स्थगित करना पड़ा, जिसके कारण 27 उड़ानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा।

हाई अलर्ट रहने का निर्देश

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के एक प्रवक्ता ने बताया कि राहत टीमों को कई हिस्सों में तैनात किया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने नागरिकों को केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

जलवायु परिवर्तन से मुंबई पीड़ित: अजित पवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और अन्य एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि भारत और दुनियाभर के शहरों की तरह मुंबई भी जलवायु परिवर्तन से पीड़ित है। हमें जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में होने वाली पर्यावरणीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुंबई और महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे का निर्माण करना चाहिए।

विधानमंडल में भी दिखा असर

भारी बारिश का असर सोमवार को महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र पर भी दिखाई दिया। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी क्योंकि पर्याप्त संख्या में मंत्री और विधायक रेल पटरियों पर जलभराव के कारण ट्रेनों में फंस गए थे और कोरम पूरा नहीं हो पाया।

31 जुलाई तक रायगढ़ किला बंद

उधर, भारी बारिश के बाद मुंबई के पास रायगढ़ पहाड़ी के किले में फंसे कई पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई से लगभग 170 किलोमीटर दूर स्थित किले को अब 31 जुलाई तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

ठाणे में पहाड़ी पर भूस्खलन

अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी ठाणे जिले में भारी बारिश से एक पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ, हालांकि कोई जानी-नुकसान नहीं हुआ। वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। ठाणे जिला प्रशासन ने बताया कि भारी बारिश के कारण 275 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और करीब 20 वाहन बह गए हैं। उधर, गोवा में लगातार तीसरे दिन भी भारी बारिश हुई, जिससे तटीय राज्य के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।

2005 में एक दिन में सर्वाधिक 944 एमएम बारिश हुई थी मुंबई में

26 जुलाई 2005 को दोपहर करीब दो बजे मुंबई में भयंकर तूफान और फिर बाढ़ आ गई थी। सांताक्रूज में आइएमडी स्टेशन ने 944 मिलीमीटर (37.2 इंच) बारिश दर्ज की थी। यह मुंबई में अब तक का सबसे ज्यादा बारिश वाला दिन है। उस वर्ष महाराष्ट्र में बाढ़ से करीब 1100 लोगों की जान गई थी। वैसे भारत की बात करें तो एक दिन में सर्वाधिक वर्षा छह मई 2004 को केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के अमिनिदिवी में 1,168 मिमी (46 इंच) दर्ज की गई थी।

यह भी पढ़ें: Assam में बाढ़ से हाहाकार, 58 लोगों ने गंवाई जान तो जलमग्न हुए सैकड़ों घर; इंसान के साथ बेजुबान भी तड़पने को मजबूर